संतकबीर नगर में परिवार के उत्पीड़न से तंग आकर मोबाइल टावर पर चढ़ा दंपति, चार घंटे तक मची अफरा-तफरी
संतकबीर नगर के महुली में एक दंपति पारिवारिक उत्पीड़न के आरोप में मोबाइल टावर पर चढ़ गया। चार घंटे के ...और पढ़ें

पिता व बहन पर उत्पीड़न व मारपीट का लगाया आरोप। जागरण
HighLights
दंपति पारिवारिक उत्पीड़न के आरोप में टावर पर चढ़ा।
पत्नी को ग्रामीणों ने उतारा, पति ने आत्महत्या की धमकी दी।
चार घंटे बाद अधिकारियों ने युवक को सुरक्षित नीचे उतारा।
संवाद सूत्र, महुली, संतकबीर नगर। पिता और बहन पर उत्पीड़न तथा मारपीट का आरोप लगाकर बुधवार को एक दंपति कोदवट गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पत्नी को सुरक्षित नीचे उतार लिया, जबकि पति टावर के ऊपरी हिस्से पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। करीब चार घंटे तक चले घटनाक्रम से स्थानीय पुलिस और प्रशासन हलकान रहा। नायब तहसीलदार, चौकी प्रभारी और ग्राम प्रधान के समझाने-बुझाने के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा जा सका।
महुली थाना क्षेत्र के चोलखरी गांव निवासी संजय उर्फ विक्की गौतम बुधवार सुबह करीब 10 बजे अपनी पत्नी गुंजा देवी के साथ कोदवट गांव स्थित एक पुराने मोबाइल टावर पर चढ़ गया। दंपति को टावर पर चढ़ता देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए। ग्रामीणों ने किसी तरह गुंजा देवी को नीचे उतार लिया, लेकिन संजय टावर के ऊपरी हिस्से पर पहुंच गया और नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ।
सूचना पर नायब तहसीलदार राजेश मिश्रा, चौकी प्रभारी जय हिंद और ग्राम प्रधान रामानुज यादव पुलिस बल तथा एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों ने युवक को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ा रहा। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इसके बाद पुलिस दंपति को थाने ले गई।
बहन पर नेवासा मांगने और मारपीट का आरोप
पुलिस की पूछताछ में संजय ने आरोप लगाया कि उसकी बहन की शादी छह वर्ष पहले हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वह मायके में रह रही है और नेवासा की मांग कर रही है। 29 अक्टूबर को पिता, बहन और भाई ने उसके तथा उसकी पत्नी के साथ मारपीट की थी। उसने दहेज में मिली बाइक तोड़ने और पत्नी के जेवर छीनने का भी आरोप लगाया।
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संजय ने बताया कि परिजनों की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर वह उसी दिन पत्नी को लेकर घर छोड़कर चला गया था। 30 अक्टूबर को जिलाधिकारी कार्यालय भी पहुंचा था, लेकिन अपनी समस्या अधिकारियों के सामने नहीं रख सका। उसका कहना है कि न्याय नहीं मिलने से निराश होकर उसने टावर पर चढ़ने का कदम उठाया।
नायब तहसीलदार राजेश मिश्रा ने बताया कि संजय और उसके परिजनों के बीच काफी देर तक बातचीत कराई गई। समझाने-बुझाने के बाद दंपति को घर भेज दिया गया है। चौकी प्रभारी को गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने और मामले पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।