संतकबीरनगर में ED कार्रवाई के बाद ब्रिटिश मौलाना का मदरसा ढहाने की तैयारी, आतंकी लिंक की चल रही जांच
ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान का खलीलाबाद स्थित मदरसा ढहाया जा सकता है, क्योंकि डीएम व एसडीएम कोर्ट ने इसकी ...और पढ़ें
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ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान।
HighLights
खलीलाबाद में ब्रिटिश मौलाना का मदरसा ढहाया जा सकता है।
भूमि व भवन राज्य सरकार में निहित, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की।
मौलाना पर ईडी का शिकंजा, आतंकी संगठनों से संबंध के आरोप।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान का खलीलाबाद शहर के गोश्त मंडी स्थित मदरसा ढहाया जा सकता है। डीएम व एसडीएम खलीलाबाद कोर्ट ने इसकी भूमि व भवन राज्य सरकार में निहित कर चुकी है। हाईकोर्ट-प्रयागराज में भूमि व भवन राज्य सरकार में निहित किए जाने के विरोध में वाद दायर किए लेकिन कोर्ट द्वारा शपथ पत्र के साथ मांगे गए इससे संबंधित कागजात उनके अधिवक्ता दिखा नहीं पाए हैं।
इस बीच इडी का शिकंजा मौलाना पर कसने के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। याचिका खारिज होने के बाद मदरसा के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव के मूल निवासी ब्रिटिश मौलाना के तार जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठन के अलावा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ से जुड़े होने की चर्चा है। उसकी देश विरोधी गतिविधियों की एसआइटी-लखनऊ ने जांच की।
इधर प्रवर्तन निदेशालय(इडी)ने भी शिकंजा कस दिया है। पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र की तहरीर पर कोतवाली खलीलाबाद थाने में दो नवंबर, 2025 को इस मौलाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। करीब एक वर्ष होने वाले हैं कोतवाली पुलिस मौलाना को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
जिससे उसके देश विरोधी कार्यों और गतिविधियों की पूरी बात सामने आ सके। एसडीएम खलीलाबाद हृदयराम तिवारी ने कहा कि मदरसे की भूमि व भवन राज्य सरकार में निहित हो चुकी है।
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हाईकोर्ट में भी मौलाना अथवा उनके अधिवक्ता इसके संबंध में मांगे गए जरूरी दस्तावेज दिखा नहीं पाए हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के निर्णय का इंतजार है।
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