14 गांवों के भूमि के नक्शे की पांच माह से लटकी है जांच, DM ने अधिकारियों को दी कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी
जिले के 14 गांवों के भूमि नक्शों की जांच पांच महीने से अटकी है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। जिलाधिकारी ने इस देरी पर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है और तत्काल जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों में इस मामले को लेकर निराशा है और वे जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

धनघटा के नौ,मेंहदावल के तीन व खलीलाबाद तहसील के दो गांव शामिल। जागरण
दिलीप पाण्डेय, संतकबीर नगर। शासन व जिला प्रशासन के स्तर से चकबंदी के लिए चयनित हुए गांवों की प्रगति की नियमित समीक्षा हो रही है। इसके बाद भी धनघटा के नौ,मेंहदावल के तीन व खलीलाबाद के दो यानी जनपद के तीनों तहसील के 14 गांवों के भूमि के नक्शे की जांच करीब पांच माह से लटकी है।
इसके कारण इन गांवों की चकबंदी की प्रक्रिया आगे बढ़ नहीं पा रही है। इसके चलते किसान परेशान हैं। बहरहाल इस मामले में डीएम ने चकबंदी विभाग के जनपद व तहसील स्तरीय अधिकारियों को प्रगति में जल्द सुधार न होने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
धनघटा तहसील क्षेत्र के नौ गांवों में भूमि के नक्शे की जांच का यह हाल
धनघटा तहसील क्षेत्र के रमजंगला गांव में प्रथम चक्र की चकबंदी के लिए सर्वे होना है। टीम गठित कर अक्टूबर-2025 में यह कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। चकबंदी लेखपाल अंतिम अभिलेख तैयार नहीं कर पाए हैं। भूमि के नक्शे की जांच लंबित है। पड़रिया गांव सरयू नदी के किनारे है। कुछ माह पूर्व नदी का पानी खेतों में लग जाने के कारण सर्वे कार्य नहीं हो पाया।
अब तक भूमि के नक्शे की जांच लंबित है। भरवलिया उर्फ टिकुईया गांव में भी प्रथम चरण की चकबंदी होनी है। यहां भी कुछ माह पूर्व सरयू नदी का पानी खेतों में लग जाने के कारण न तो सर्वे कार्य हो पाया और न ही भूमि के नक्शे की जांच। माधोपुर व मुखलिसपुर गांव में भूमि का नक्शा जीर्ण-शीर्ण अवस्था में तहसील से प्राप्त हुआ। इसकी प्रतिलिपि अभिलेखागार में उपलब्ध नहीं है। इससे भूमि के नक्शे की जांच नहीं हो पाई।
चकबंदी प्रक्रिया बाधित है। उप निदेशक राजकीय मुद्रणालय-इलाहाबाद द्वारा बताया गया कि संबंधित भूमि का नक्शा की उपलब्धता के लिए विभाग को पत्राचार कर अवगत कराया जाएगा। वहीं राजकीय मुद्रणालय-रुड़की ने एक मार्च 2025 को पत्र भेजकर भूमि का नक्शा न होने की बात कही गयी। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी(एसओसी)ने चकबंदी कार्य के लिए टीम गठित की है।
गागरगाड़ गांव में भूमि के नक्शे की जांच न होने से सर्वे कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वहीं इस तहसील के सुअरहा,बेलहरा व सुकरौली गांव में प्रथम चक्र की चकबंदी होनी है। इन गांवों में भी भूमि के नक्शे की जांच न हो पाने से चकबंदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र के तीन गांवों में भी लारवाही पड़ रही भारी
मेंहदावल तहसील क्षेत्र में जिंदापुर गांव में क्षेत्रीय सहायक चकबंदी अधिकारी ने यह रिपोर्ट दी है कि उन्होंने इस गांव में जाकर स्थिति का अवलोकन किया है। गांव में भूमि-ऊंची है। चकबंदी योग्य रकबा 40 प्रतिशत से कम है। इन्हें प्रस्ताव तैयार कर एसओसी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
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वहीं महदेवा नानकार गांव में 250 गाटों का तरमीम कार्य पूर्ण कर लिया गया है। भूमि के नक्शे की जांच नहीं हो पाई है। जबकि भेड़ौरा-पिकौरा गांव में लेखपाल शिकायतों के निस्तारण में व्यस्त हैं। इसलिए भूमि के नक्शे की जांच सहित अन्य चकबंदी की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में दो गांवों में चकबंदी प्रक्रिया का यह हाल
खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के सिरमोहनी गांव में भी भूमि के नक्शे की जांच नहीं हो पायी है। चकबंदी लेखपाल आकार पत्र तैयार करने में लगे हुए हैं। वहीं इस तहसील क्षेत्र के परजूडीह गांव में अभिलेख के अनुसार काश्तकारों को कब्जा दिलाने के लिए नवंबर-2025 में पैमाइश करने का निर्देश दिया गया था।
इस पर सिरमोहनी गांव के लेखपाल को इस गांव में पैमाइश कार्य के लिए लगाया गया। क्षेत्रीय सहायक चकबंदी अधिकारी को निर्देेश दिया गया है कि वह पैमाइश कार्य पूर्ण होने चकबंदी की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएं।
चकबंदी कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है। चकबंदी विभाग के जनपद व तहसील स्तरीय अधिकारियों को प्रगति में जल्द सुधार न होने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी है।
-आलोक कुमार-डीएम

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