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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कायाकल्प योजना से बदलेगी विद्यालयों की सूरत

By JagranEdited By:
Published: Mon, 13 Jan 2020 12:48 AM (IST)

कायाकल्प योजना के तहत पहले चक्र में जिले के 325 विद्यालयों में कार्य पूरा होने के बाद अब नए सिरे ...और पढ़ें

कायाकल्प योजना से बदलेगी विद्यालयों की सूरत
कायाकल्प योजना से बदलेगी विद्यालयों की सूरत

संतकबीर नगर : कायाकल्प योजना के तहत पहले चक्र में जिले के 325 विद्यालयों में कार्य पूरा होने के बाद अब नए सिरे से तीन सौ विद्यालयों को चमकाने की योजना है। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग लगा हुआ है। इससे परिषदीय विद्यालयों के प्रति अभिभावकों का आकर्षण बढ़ेगा। पहले की तुलना में बच्चों की संख्या में भी इजाफा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ग्राम पंचायतों के सहयोग से कायाकल्प योजना के तहत प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के कमरों में टाइल्स लगाने, रंगरोगन नए सिरे से करवाए जाने के साथ ही परिसर को सुंदर और आकर्षक बनाने का कार्य किया जाता है। शुद्ध पानी के लिए आरओ लगाने के साथ ही बैठने के लिए भी बेहतर व्यवस्था की जाती है। चिह्नित विद्यालयों पर कार्य आरंभ करवाने के लिए डीपीआरओ के पास बीएसए द्वारा प्रस्ताव भेजा जाता है। दूसरे चक्र में तीन सौ विद्यालयों की सूची भेजी गई है। परिषदीय विद्यालयों के भवनों की दशा सुधार होने से बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिले के कई विद्यालय तो नर्सरी विद्यालयों को भी मात देने लगे हैं। मेंहदावल, सांथा, खलीलाबाद, सेमरियावां समेत अनेक विकास खंडों में दो दर्जन से अधिक विद्यालय नमूना बनकर सामने आ रहे हैं। विद्यालयों में सूरत बदलने के लिए कायाकल्प योजना के तहत खलीलाबाद ब्लाक के 81 विद्यालय शामिल है। विद्यालयों में भवन, चहारदीवारी आदि ठीक कराने लिए प्रधान व प्रबंध विद्यालय समिति के सदस्यों की बैठक करके रूपरेखा तैयार की गई है। सरकार के निर्देश पर विद्यालयों की व्यवस्था सुधार करवाने के लिए हर स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। तीन सौ विद्यालयों की सूची भेज दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।