गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे से जुड़ना हुआ दूभर, गड्ढों में तब्दील हुआ डिहवा-पिड़िया मार्ग; उठने लगे सवाल
राम-जानकी मार्ग को गोरखपुर के पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाला डिहवा-पिड़िया मार्ग वर्षों से बदहाल है। अप्रैल में टेंडर ...और पढ़ें

अप्रैल माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अभी तक नहीं शुरू हो सका निर्माण कार्य। जागरण
HighLights
डिहवा-पिड़िया मार्ग वर्षों से बदहाल, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी प्रभावित।
अप्रैल में टेंडर के बावजूद छह माह बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं।
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों की उदासीनता से स्थानीय लोग आवागमन में परेशान।
संवाद सूत्र लोहरैया, (संतकबीरनगर)। क्षेत्र के राम-जानकी मार्ग को गोरखपुर के पुर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाला डिहवा-पिड़िया मार्ग वर्षों से बदहाल हालत में पड़ा हुआ है। गोरखपुर जिले के लिंक एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने के लिए क्षेत्र के लोग डिहवा-पिड़िया लिंक मार्ग से होकर ही जाते है।
बता दें कि क्षेत्र के डिहवा बाजार से घोरांग, डरवा, परसहर पूर्वी, सरायघाट गांव होते हुए कुआनों नदी के बनकटा पुल को पार करके क्षेत्र के लोग गोरखपुर जिले के लिंक एवसप्रेसवे पर पहुंचकर वाहनों से दूर-दराज के शहरों में आसानी से पहुंच जाते है लेकिन डिहवा से पिड़िया तक सड़क की बदहाल स्थिति के कारण अब लिंक एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए सिकरीगंज होते हुए घूम कर अधिक दूरी तय करके जाना पड़ता है।
डिहवा-पिड़िया मार्ग की वर्षों से बदहाल स्थिति बनी हुई है। मार्ग पर जगह-जगह विशालकाय गड्ढे बन गए है जिससे मार्ग पर आए दिन बाइक और साइकिल सवार जहां गिरकर घायल हो रहे है तो वहीं चार पहिया वाहन भी गड्ढों में फंसकर क्षतिग्रस्त हो जा रहे है। डिहवा-पिड़िया मार्ग की मरम्मत कराने के लिए पूर्व में क्षेत्र के लोग कई बार धरना-प्रदर्शन भी कर चुके है। ग्रामीणों द्वारा मार्ग को जाम भी किया जा चुका है।
ग्रामीणों के आंदोलन के चलते मार्ग की नए सिरे से मरम्मत कराने के लिए विभागीय सूत्रों की माने तो अप्रैल माह में ही टेण्डर हो चुका है लेकिन छः माह बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया। बारिश के इस मौसम में डिहवा-पिड़िया मार्ग पर वाहनों से आवागमन दुश्वार बन गया है।
घोरांग के प्रशासक धनन्जय सिंह राठौर ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण ही टेंडर होने के छह माह बाद भी मार्ग पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया, जिसका खामियाजा रोज मार्ग पर आने-जाने वाले भुगतने को मजबूर हैं।
परसहर पूर्वी के प्रधान गणेश पाण्डेय ने कहा कि लगातार आंदोलन के बावजूद मार्ग की मरम्मत कराने की ग्रामीणों की मांग को जनप्रतिनिधि सहित जिम्मेदार अधिकारी वर्षों से अनसुना करते चले आ रहे है। लगातार आंदोलन से अगर मार्ग की मरम्मत के लिए टेंडर भी हो गया तो ठेकेदार मनमानी कर रहे है जिसका नतीजा है कि अभी तक मार्ग पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका।
फुलुई निवासी सुनील सिंह ने कहा कि डिहवा-पिड़िया मार्ग क्षेत्र के लोगों को गोरखपुर सहित बड़े-बड़े शहरों तक पहुंचने का प्रमुख सम्पर्क मार्ग है लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि मार्ग की मरम्मत कराने को लेकर वर्षों से उदासीन बने हुए है।
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घोरांग गांव निवासी दिनेश सिंह राठौर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता इसी से जाहिर है कि अप्रैल माह में टेंडर हो जाने के बाद भी निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका। ठेकेदार ने मनमानी न की होती तो बारिश के मौसम से पूर्व ही मार्ग की मरम्मत हो गयी होती और बारिश के मौसम में लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़ता।
उपजिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया कि टेंडर होने के छह माह बाद भी डिहवा-पिड़िया मार्ग पर अभी तक मरम्मत कार्य क्यो नहीं शुरू हो सका इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता को जल्द ही पत्र भेजा जाएगा और मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने के लिए कहा भी जाएगा।
