यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CM योगी का कबीर की मजार पर टोपी पहनने से इन्कार, कहा- पूरा सम्मान पर पहनता नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल शाम जैसे ही मगहर में संत कबीर की मजार पर पहुंचे वहां के मुतवल्ली ने उन्हें सम्मान में टोपी लगाने का प्रयास किया।

संतकबीरनगर (जेएनएन)। पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले कल संतकबीर नगर के मगहर में इंतजाम का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कबीर की मजार पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने भी गये। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वहां के मुतवल्ली ने सम्मान में टोपी भेंट की, उन्होने टोपी पहनने से इन्कार करने के साथ ही कहा कि टोपी के प्रति उनके मन में पूरी श्रद्धा है। चूंकि मैं पहनता नहीं इसलिए इसे आप ही रख लीजिये। उन्होंने इस सम्मान के लिए धन्यवाद भी दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल शाम जैसे ही मगहर में संत कबीर की मजार पर पहुंचे वहां के मुतवल्ली ने उन्हें सम्मान में टोपी लगाने का प्रयास किया। इस सम्मान पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि टोपी के प्रति उनके मन में पूरी श्रद्धा है। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि मैं पहनता नहीं इसलिए इसे आप ही रख लीजिये। उन्होंने इस सम्मान के लिए धन्यवाद भी दिया। मगहर में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर तैयारियों का जायजा लेने कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां पहुंचे थे।
समाधि पर दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री जब मजार पर पहुंचे तो मुतवल्ली खादिम हुसैन ने उन्हें टोपी लगानी चाही। जिस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए मुतवल्ली का हाथ थाम लिया। बाद में मुतवल्ली ने बताया कि उन्होंने उपहार स्वरूप सीएम को टोपी भेंट की जिसे उन्होंने ससम्मान स्वीकार किया और फिर मुस्कराते हुए यह कह कर लौटा दिया कि उनके मन में टोपी के प्रति पूरा सम्मान है लेकिन पहनता नहीं। इसको आप रख लीजिये।

कबीर की मजार पर सीएम योगी आदित्यनाथ का टोपी पहनने से इन्कार करने पर विवाद खड़ा हो गया, हालांकि बाद में संरक्षक खादिम हुसैन ने पूरे विवाद पर सफाई भी दी। कबीर की मजार के संरक्षक खादिम अंसारी ने कहा कि विवाद की कोई वजह नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं टोपी नहीं पहनना चाहता। उन्होंने मुस्कुरा कर हमें टोपी लौटा दी।
संत कबीरनगर के मगहर में बनने वाली यह अकादमी संत कबीर के जीवन दर्शन पर केंद्रित होगी. राज्य पुरातत्व विभाग की देखरेख में 17 एकड़ में इसका निर्माण कराया जाएगा. पर्यटन विभाग इसकी नोडल एजेंसी होगा। इस अकादमी में इंटरप्रिटेशन सेंटर, प्रदर्शनी गैलरी के अलावा 300 दर्शकों की क्षमता वाले एक सभागार का भी निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा इस अकादमी में पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, कर्मचारी भवन का निर्माण भी कराया जाएगा। यहां पर इस अकादमी की जमीन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंजूरी दे दी थी।