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संतकबीरनगर के बेलौरा गांव के तीन युवाओं का उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन, जश्न का माहौल

Published: Sat, 17 Oct 2026 10:07 AM (IST)

संतकबीरनगर के धनघटा क्षेत्र स्थित बेलौरा गांव के दो युवक और एक युवती का उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन हुआ ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. बेलौरा गांव के तीन युवाओं का पुलिस में चयन।

  2. पवन, पूर्णिमा, सत्यम ने यूपी पुलिस में जगह बनाई।

  3. परिवारों और पूरे गांव में खुशी का माहौल।

जागरण संवाददाता संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के बेलौरा गाव में किसान परिवार के दो बेटे और एक बेटी का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हो गया है। तीनों के उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित होने की जानकारी जैसे ही उनके परिवार सहित ग्रामवासियों को मिली तो परिवार जहां खुशी से झूम उठा तो वहीं पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया है।

विदित हो कि बुधवार की शाम को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का परिणाम आया है जिसमें बेलौरा गांव के दो युवक और एक युवती का चयन हो गया है। बेलौरा गांव निवासी चयनित पवन पाण्डेय के पिता राकेश पाण्डेय किसान है। खेती करते हुए बेटे को जहां पढ़ाया है तो वहीं उसके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा।

पशुपालन करके बेटे के लिए दूध की व्यवस्था की और उसे पुलिस भर्ती में चयनित होने के लिए शारीरिक तौर पर भी तैयार किया। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित बेलौरा गांव की बेटी पूर्णिमा पाण्डेय का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे माता की धार्मिक भावना का श्रेय है।

पिता करूणेश पाण्डेय तो गलत संगत के कारण व्यसन में फंसे हुए है लेकिन पूर्णिमा की माने तो मां की मेहनत और उनकी धार्मिक प्रवृत्ति से ही वह उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित हो सकी है। इसी प्रकार बेलौरा गांव के ही सत्यम चौरसिया भी उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित हुए है।

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सत्यम चौरसिया के पिता शत्रुहन चौरसिया का कहना है कि योगी सरकार में बेटा पुलिस में भर्ती हो गया लेकिन अगर दूसरी सरकार होती तो आर्थिक तंगी का शिकार होने के कारण वह घूस नहीं दे पाता तो बेटे का चयन भी नहीं हो पाता। योगी सरकार में बेटा पुलिस में भर्ती हो गया लेकिन उसे एक रूपया घूस नहीं देना पड़ा। गांव में एक साथ तीन-तीन बच्चों का उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन होने से परिवार जहां खुशी से झूम रहा है तो वहीं गांव में उत्सव का माहौल उत्पन्न हो गया है।

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