विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sambhal Violence: सांसद के बाद अब मास्टरमाइंड साठा पर नकेल की तैयारी, कोर्ट से कराया जाएगा भगोड़ा घोषित

Published: Fri, 20 Jun 2025 09:59 PM (IST)Updated: Fri, 20 Jun 2025 10:01 PM (IST)

जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में 24 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा में पुलिस ने जामा मस्जिद के सदर ...और पढ़ें

News Article Hero Image

जागरण संवाददाता, संभल। जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में 24 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा में पुलिस ने जामा मस्जिद के सदर जफर अली और सांसद जियाउर्रहमान बर्क सहित 93 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। हिंसा का मास्टरमाइंड आटो लिफ्टर शारिक साठा 2016 से दुबई में छिपा है। पुलिस को उसके गुर्गे मुल्ला अफरोज और गुलाम से उसके हिंसा कराने के बारे में काफी जानकारी मिल चुकी है। उसी ने फायरिंग के लिए हथियार उपलब्ध कराए थे। साथ ही हिंसा से पहले और बाद में वह अपने गुर्गों के संपर्क में रहा था। पुलिस ने कुछ साल में कई वाहन चोरों को पकड़ा था।

पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण कई गुर्गों ने साठा का साथ भी छोड़ दिया था। इसलिए वह हिंसा कराकर अपना दबदबा कायम करना चाहता था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए जल्द भगोड़ा घोषित करने की तैयारी कर रही है। अन्य आरोपितों को जल्द सजा कराने के लिए मुकदमों की पैरवी के लिए भी रणनीति बनाई जा रही है। कई मुकदमों में आरोप तय होने के बाद ट्रायल शुरू हो गया है।एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि शारिक साठा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं।

चार्जशीट में भी उसके बारे में उल्लेख है। कोर्ट से भगोड़ा घोषित कराने के प्रयास करेंगे। इसके बाद उसे सजा दिलाई जाएगी। इसके अलावा जिन मुकदमों में ट्रायल शुरू हो गया है। उनके आरोपितों को सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की जाएगी। हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी। 30 अधिकारी व पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। कुल 12 मुकदमों में से 11 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब तक 96 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सांसद बर्क के हाई कोर्ट के स्टे पर होने के कारण चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है।

ट्रक चोरी से जरायम की शुरुआत

1991 में चीनी से भरा एक ट्रक गुजरात से आ रहा था। शारिक साठा ने ट्रक गायब कर दिया। उस मामले से ही उसके आपराधिक मामलों की शुरूआत हुई थी। फिर वाहन चोर, नोटों की तस्करी, विदेशी असलहों की तस्करी के साथ-साथ अब संभल हिंसा में उसकी संलिप्तता मिली है। इसके खिलाफ संभल के साथ-साथ गैर राज्यों में भी 54 मामले दर्ज हैं। नखासा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस उसकी पत्नी रोशन से भी पूछताछ की जा चुकी है। पत्नी के दुबई जाने और उसके साठा के संपर्क में होने की भी पुलिस को जानकारी मिली है।

क्या कहता है कानून

वरिष्ठ अधिवक्ता पीके गोस्वामी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) में एक भगोड़ा अपराधी, जो 10 साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध के लिए कानूनी कार्रवाई से भाग जाता है। ऐसे व्यक्ति को घोषित अपराधी माना जाता है। अदालतें उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा चला सकती हैं। उसकी संपत्ति को कुर्क करने के लिए अन्य देशों के साथ भी सहयोग कर सकती हैं।

संभल हिंसा में पिता-पुत्र समेत और आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने हिंसा के मामले में शुक्रवार को अब्दुल अली, उसके बेटे अकबर अली, हैदर अली और उसके भाई मुनव्वर अली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि हिंसा के दौरान पथराव करने वालों में चारों शामिल थे। इनकी पहचान सर्वे के दौरान बनाए गए वीडियो और तस्वीरों के आधार पर की गई।