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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sambhal Violence: बवालियों की तलाश में इन दो राज्‍यों में पुलिस की दबिश तेज, अब तक 81 लोगों गए जेल

Published: Fri, 04 Apr 2025 04:20 PM (IST)

Sambhal Violence संभल हिंसा मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 81 आरोपियों को जेल ...और पढ़ें

Sambhal Violence: बवालियों की तलाश में दिल्ली-उत्तराखंड में पुलिस की दबिश तेज. Jagran Graphics
Sambhal Violence: बवालियों की तलाश में दिल्ली-उत्तराखंड में पुलिस की दबिश तेज. Jagran Graphics

HighLights

  1. जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली समेत अब तक 81 लोगों को भेजा जा चुका है जेल
  2. जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई थी हिंसा

संवाद सहयोगी, जागरण, संभल। Sambhal Violence: हिंसा के आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में अब तक 81 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं पुलिस की टीमें दिल्ली और उत्तराखंड में दबिश देकर फरार आरोपितों की तलाश कर रही हैं।

जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद कई युवा शहर छोड़कर अन्य राज्यों में जाकर छिप गए हैं। हालांकि पुलिस कुछ लोगों को दिल्ली से भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। त्योहार के कारण कुछ समय के लिए पुलिस की कार्रवाई धीमी पड़ी थी, लेकिन अब फिर से पूरे जोर-शोर से सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है।

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पुलिस ने तेज कर दी कार्रवाई

जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हिंसा मामले में अब तक जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर व एडवोकेट जफर अली सहित 81 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही है।

हिंसा के बाद से कई आरोपित शहर छोड़कर दिल्ली और उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में छिप गए हैं। ऐसे में पुलिस अब इन राज्यों में भी छापेमारी कर रही है। हिंसा में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। स्थानीय स्तर पर जांच करने के साथ ही अन्य राज्यों में फरार आरोपितों को पकड़ने के लिए दिल्ली और उत्तराखंड में दबिश दी जा रही है।

जागरण आर्काइव।

पुलिस द्वारा शुरू में तेजी से की जा रही कार्रवाई त्योहारों के कारण कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी। हालांकि अब फिर से पूरी सक्रियता के साथ आरोपितों की तलाश में पुलिस जुट गई है।

सर्च आपरेशन के तहत संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया जा सके। वहीं पुलिस अपनी जांच में अन्य एजेंसियों की भी मदद ले रही है। तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए फरार आरोपितों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

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जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले में 12 प्राथमिकी दर्ज की थीं, जिसमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल सहित 37 नामदज और 3750 अज्ञात आरोपित हैं।

जफर अली पर हिंसा से दो दिन पहले भीड़ को भड़काने का आरोप था। इसलिए पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में एसआइटी ने सांसद बर्क काे भी पूछताछ के लिए नोटिस दिया है। आठ अप्रैल को सांसद जियाउर्रहमान बर्क से भी पूछताछ की जाएगी।