संभल हिंसा: बिलाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी अफरोज ने कोर्ट में नकारे आरोप, कहा- पुलिस ने किया प्रताड़ित
संभल हिंसा से जुड़े बिलाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज ने अदालत में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से ...और पढ़ें

फाइल फोटो
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संवाद सहयोगी, चंदौसी (संभल)। जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में संभल हिंसा से जुड़े बिलाल हत्याकांड मामले में शुक्रवार को मुख्य आरोपित मुल्ला अफरोज की पेशी हुई। उसके बयान के साथ बीएनएसएस की धारा 351 की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई।
मुल्ला अफरोज की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष अपने जवाब दाखिल किए। मामले में अब आरोपितों को सफाई साक्ष्य का अवसर दिया गया है, जिसके लिए न्यायालय ने 12 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
इससे पूर्व, पांच अक्टूबर को मुल्ला अफरोज और गुलाम को जनपद न्यायाधीश की अदालत में पेश होना था। उस दौरान आरोपित गुलाम जेल से न्यायालय में उपस्थित हुआ था।
मगर, मुल्ला अफरोज ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बीमारी का हवाला देते हुए तीन दिन की मोहलत मांगी थी। इसके बाद न्यायालय ने सुनवाई के लिए नौ अक्टूबर की तारीख तय की थी।
शुक्रवार को निर्धारित समयानुसार दोनों आरोपित मुल्ला अफरोज और गुलाम अदालत में पेश हुए। मुल्ला अफरोज की तरफ से पांच अधिवक्ताओं ने जवाब दिए। सुनवाई के दौरान मुल्ला अफरोज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
मुल्ला अफरोज और गुलाम ने एक-दूसरे को जानने से भी इन्कार किया। आरोपितों ने न्यायालय के समक्ष यह भी दावा किया कि वे घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे।
मुल्ला अफरोज का आरोप था कि पुलिस ने उसे 17 जनवरी 2025 को मुहल्ला शहबाज स्थित जनरल स्टोर से गिरफ्तार किया और कैला देवी थाने ले जाकर टार्चर किया।
दूसरी ओर जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने कहा कि आरोपित मुल्ला अफरोज और गुलाम के खिलाफ चार्जशीट में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। गवाहों के बयान भी पूरी तरह से आरोपितों के खिलाफ हैं।
इससे इस घटना में उनकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से साबित होती है। अदालत की इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद अब बचाव पक्ष को सफाई साक्ष्य पेश करने का मौका मिला है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 12 अक्टूबर को होगी।
