Rahul Murder Case: मुस्कान, सोनम और अब संभल की रूबी बनी हत्यारी, लाेग बोले- लाश देखकर कांप गई थी रूह
उत्तर प्रदेश के संभल में राहुल हत्याकांड में एक और महिला हत्यारी बनी। मुस्कान, सोनम के बाद अब रूबी का ...और पढ़ें

राहुल हत्याकांड में गिरफ्तार पत्नी रूबी और गौरव।
जागरण संवाददाता, चंदौसी। जिस रिश्ते की नींव विश्वास, समर्पण और साथ निभाने के वादे पर टिकी होती है, जब वही रिश्ता साजिश, धोखे और खून में बदल जाए, तो यह केवल एक हत्या नहीं रहती, बल्कि पूरे समाज को अंदर तक झकझोर देने वाली घटना बन जाती है। हाल के महीनों में हुई कत्ल की वारदातों ने यह साबित किया है कि अपराध बाहर नहीं, बल्कि घर की चारदीवारी के भीतर से जन्म ले रहा है। मेरठ की मुस्कान, हनीमून पर मेघालय गई इंदौर की सोनम और अब संभल जिले के चंदौसी की रूबी, तीनों कहानियां अलग होते हुए भी समाज की एक-सी भयावह हकीकत बयान कर रही हैं।
मेरठ में मुस्कान ने अपने पति सौरभ राजपूत की प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर जिस तरह हत्या की और ड्रम में सीमेंट भरकर शव को ठिकाने लगाया, उसने रिश्तों के वजूद पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद इंदौर की सोनम का मामला सामने आया, जिसने हनीमून जैसे मौके पर अपने पति राजा रघुवंशी की प्रेमी राज कुशवाह के साथ हत्या कर विश्वास का भी खून कर दिया।
इन दोनों घटनाओं की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब संभल जिले का नाम भी इस शर्मनाक सूची में जुड़ गया। चंदौसी की रूबी ने प्रेम संबंधों के चलते अपने ही पति की हत्या कर शव को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग जगह ठिकाने लगा दिया। यहां पति की हत्या तो हुई ही, दो छोटे-छोटे बच्चों ने भी ममता पर से विश्वास खो दिया। सोमवार को सर्दी भरी सुबह चंदौसी कोतवाली में जो दृश्य दिखा, उसने इस कहानी को और भी सिहरनभरा बना दिया।
पति की हत्या के आरोप में पकड़ी गई रूबी के चेहरे पर न अफसोस था, न पछतावे की कोई रेखा। वह बिना किसी संकोच के खड़ी रही, मानो जो हुआ वह उसके लिए पहले से तय हो। पुलिस द्वारा बुलाए गए उसके दोनों बच्चे जब कोतवाली पहुंचे, तो रूबी ने उनके साथ बैठकर खाना भी खाया।
यह दृश्य देखकर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए, लेकिन बच्चों के शब्दों और भावों में भी मां के प्रति कोई खास हमदर्दी झलकती नजर नहीं आई। रूबी के परिवार वाले भी खुद को उससे अलग बताते नजर आए। उन्होंने भी रूबी के लिए साफ शब्दों में फांसी की मांग की।
बच्चे आरोपितों को बुलाते थे मामा
जहां दुनिया में भाई-बहन के रिश्ते को पवित्र माना जाता है, वहीं मामा-भांजे-भांजी का रिश्ता उससे भी अधिक स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस वारदात में न केवल भाई-बहन का रिश्ता कलंकित हुआ, बल्कि मुंहबोले ही सही, मामा-भांजे के रिश्ते को भी तिलांजलि दे दी गई। बातचीत में बच्चों ने बताया कि सौरभ उर्फ अभिषेक मामा और गौरव मामा उनके घर आते थे। मम्मी के उनके साथ गलत संबंध थे। मम्मी ने उन्हीं के साथ मिलकर पापा को मारा है।
