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    Sambhal News : गणेश चतुर्थी पर मंदिर-पंडालों में लगा श्रद्धालुओं तांता, दर्शन के लिए लगीं लाइन

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 08:23 PM (IST)

    गणेश चतुर्थी पर नगर में गणेश मंदिर और पंडालों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। मेला परिषद के संस्थापक स्व. डा. गिरिराज किशोर ने पहले नगर के पाटिया बाजार में सबसे पहले पांडाल लगाकर गणेश भगवान की स्थापना की थी। इसके बाद शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों और मंदिरों में गणेश पंडाल लगने लगे।

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    पंडालों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। जागरण

    संवाद सहयोगी, चंदौसी । गणेश चतुर्थी पर नगर में गणेश मंदिर और पंडालों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। मेला परिषद के संस्थापक स्व. डा. गिरिराज किशोर ने पहले नगर के पाटिया बाजार में सबसे पहले पांडाल लगाकर गणेश भगवान की स्थापना की थी।

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    इसके बाद शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों और मंदिरों में गणेश पंडाल लगने लगे। वर्तमान में लगभग 80 स्थानों पर पंडाल लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 12 वर्ष पहले बड़ा महादेव स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर भी पांडाल लगाकर गणेश भगवान की स्थापना की गई थी।

    सिर्फ एक ही पांडाल में गणेश भगवान की होती थी स्थापना 

    गणेश महोत्सव के अवसर पर बीस वर्ष पहले मात्र एक पांडाल में गणेश भगवान की स्थापना होती थी, वहीं अब यह संख्या सैकड़ा पार कर चुकी है और 15 हजार से अधिक घरों में गणेश भगवान विराजमान हैं। वर्ष 2013 में नगर के बड़ा महादेव स्थित वीएम क्लब के अमित कुमार, पंकज भोली, अनिल वार्ष्णेय, विनोद कुमार, डा. अमित गुप्ता, देवेंद्र प्रसाद शर्मा, तरुण नीरज, प्रमोद कुमार आदि पदाधिकारी मुहल्ले के प्राचीन शिव मंदिर में पांडाल लगाकर गणेश भगवान की स्थापना करने लगे। तब से यह परंपरा हर वर्ष जारी है।

    क्लब के लोग और मुहल्लेवासी सुबह-शाम पूजा-अर्चना और भोग अर्पित करते हैं। शाम को महाआरती के साथ दस दिन तक भजन-कीर्तन, राधा-कृष्ण की झांकी, छोटे बच्चों की डांस प्रतियोगिता, शिव विवाह और शिव महापुराण का आयोजन होता है।

    नगर के रायसत्ती मुहल्ले में वर्ष 2020 से बच्चे भी आपस में चंदा करके गणेश पंडाल सजाकर गणेश भगवान की स्थापना कर रहे हैं। इस वर्ष भी बच्चों ने पंडाल सजाकर गणपति की स्थापना की। बच्चों ने बताया कि वे दस दिन सुबह-शाम पूजा-अर्चना और आरती के साथ एक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और माता का जागरण भी आयोजित करते हैं। शुक्रवार की शाम को आरती में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा मुहल्ला गणपति के जयकारों से गूंज रहा था।