यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट के जरिए Aadhar में करते थे संशाेधन
आधार कार्ड में फर्जी तरीके से संशोधन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। बदायूं और अमरोहा जिले से चार ...और पढ़ें

HighLights
- बदायूं के उझानी के तीन और अमरोहा का एक युवक गिरफ्तार
- संभल पुलिस ने गिरफ्तार किए चार लोग
संवाद सहयोगी, जागरण, बहजोई। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट के जरिए आधार कार्ड में संशोधन करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली है। ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका रैकेट कई जिलों में संचालित है, जो घर−घर जाकर आधार की बायोग्राफी और डेमोग्राफी का डाटा लेकर संशोधन का काम करते हैं।
बदायूं और अमरोहा जिले से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से लैपटाप और कंप्यूटर सिस्टम के अलावा बायोमेट्रिक डाटा लेने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं।
जिसमें रबर के फर्जी फिंगर प्रिंट, आइरिस कॉपी, फर्जी पासपोर्ट, 13 राज्यों के 42 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मोडिफाई फिंगर प्रिंट स्कैनिंग मशीन, मोबाइल, 36 पैन कार्ड प्रपत्र, 27 फिंगर अपडेशन आवेदन प्रपत्र, 400 से अधिक आधार संशोधन के लिए इनरोलमेंट आवेदन, आठ पासपोर्ट इमेज बरामद किए हैं। जिसमें सिस्टम की कोडिंग करके आधार जैसा एक पोर्टल तैयार किया जाता है जो हूबहू यूआईडीएआई के वेब पोर्टल जैसा दिखता है। जिससे कई रिटेलर आधार सेवा केंद्र के रूप में प्रयोग करते और लोगों के आधार में संशोधन करते हैं।

आरोपितों से बरामद सामान।
फर्जी तरीके से उनके बेटे के नाम ट्रैक्टर खरीदने का आरोप पकड़ा गया था
विदित रहे कि जिले के बहजोई कोतवाली में दो मार्च को गांव बहरौली ताहरपुर के चंद्रसेन से रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई के अंतर्गत धनारी थाना क्षेत्र के गांव भागनगर के विनोद यादव पर फर्जी तरीके से उनके बेटे के नाम ट्रैक्टर खरीदने का आरोप पकड़ा गया था। विनोद ने फर्जी पीएम जेजेवाई से बीमा क्लेम हड़पने ने लिए पिता के आधार में संशोधन कराया था, जिसमें 21 वर्ष आयु कम की गई थी।
पुलिस ने दो आधार कार्ड विनोद के मोबाइल से बरामद किए थे
पुलिस ने दो आधार कार्ड विनोद के मोबाइल से बरामद किए थे, इसके बाद जांच शुरू की। कहां से आधार संशोधन। इस आधार पर जांच में एक व्यक्ति को दिल्ली से गिरफ्तार किया। कासिम नाम का यह व्यक्ति दिल्ली के वजीराबाद थाना तिमारपुर नई दिल्ली का रहने वाला है और वर्तमान में अमरोहा के नौग़वां सादात की नई बस्ती में रहता है।
कई और लोग भी, जिनकी पुलिस को तलाश
पूछताछ में पता लगा कि बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांव अडोली का आशीष, बैनी नगला का धर्मेंद्र कुमार और निजामपुर का रौनक भी इसी गिरोह में शामिल होकर आधार में फर्जी तरीके के संशोधन करते हैं। इसके कई और लोग भी बताए जा रहे हैं जिनकी पुलिस को तलाश है।
इस गिरोह के सदस्य पिछले डेढ़ वर्ष से इस कार्य को कर रहे हैं। अब तक 1500 से अधिक आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर में परिवर्तन किया और 400 से अधिक दस्तावेजों को तैयार करते हुए आधार कार्ड में संशोधन किया।
एक फर्जी वेब पोर्टल भी तैयार किया
दिसंबर 2024 में जन्म प्रमाण पत्र अपलोड करने से आयु में बदलाव नहीं हुआ तो इन्होंने फर्जी पासपोर्ट बनाकर आधार कार्ड में जन्मतिथि परिवर्तन करने का काम शुरू किया। इसके लिए उन्होंने एक फर्जी वेब पोर्टल भी तैयार किया। जिसे डेवलपर द्वारा तैयार किया गया। कई पोर्टल के वेब डिजाइन किए गए और फरवरी 2025 में 20 से अधिक फर्जी पासपोर्ट बनाकर आधार अपग्रेडेशन के लिए अपलोड किया। जिसमें कुछ केसों में उन्हें सफलता भी मिली। खास बात यह है कि आशीष वेंडर की भूमिका में काम करता है और इसके नीचे 200 से 300 रिटेलर कार्य करते हैं।
फर्जी पोर्टल के जरिए यूआईडीएआई के असली पोर्टल पर डाटा अपलोड
फर्जी पोर्टल के जरिए यूआईडीएआई के असली पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए मोडिफाई फिंगरप्रिंट स्कैनिंग मशीन का प्रयोग करते थे और पंजीकृत आधार सेवा केंद्र से संपर्क करके उसके लोगो को प्राप्त कर लेते थे। इसके लिए वह रबर से तैयार किए गए आधार संचालक के फिंगरप्रिंट और आइरिस की कापी पहले से ही फीड रखते थे। 50 रुपये पर व्यक्ति संशोधन के नाम का लालच देकर वेबसाइट को लॉगिन करने के लिए आधार सेवा केंद्र से ओटीपी भी प्राप्त कर लेते।
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बहजोई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा है जो फर्जी तरीके से आधार में संशोधन करते थे। उनके द्वारा एक व्यक्ति वेंडर के रूप में काम करता था और फर्जी तरीके से आधार वेब डिजाइन तैयार कर के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट के जरिए आधार में संशोधन करते थे। जिसमें कई राज्यों के जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और पासपोर्ट की इमेज भी बरामद हुए हैं। कंप्यूटर सिस्टम और अन्य उपकरण भी बरामद हुए हैं। कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल।
