अन्ना हजारे को काले झंडे दिखाने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका
सम्भल : नगर पालिका मैदान में रविवार को जनसभा को संबोधित करने पहुंचे समाजसेवी अन्ना हजारे क
सम्भल : नगर पालिका मैदान में रविवार को जनसभा को संबोधित करने पहुंचे समाजसेवी अन्ना हजारे को काले झंडे दिखाने जा रहे कांग्रेसियों को किसान पंचायत स्थल से पहले ही रोक लिया। इस दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस ने कांग्रेसियों को आगे नहीं जाने दिया।
शहर अध्यक्ष तौकीर अहमद के नेतृत्व में तहसील स्थित पार्टी कार्यालय से हाथों में काले झंडे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पालिका मैदान की तरफ जा रहे थे। कांग्रेसी नारे लगा रहे थे कि अन्ना वापस जाओ तथा जनता को उल्लू बनाना बंद करो। इस दौरान अन्ना के मंच की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा बीच में ही रोक दिया गया। कांग्रेसियों और पुलिस में नोकझोंक भी हुई। इस दौरान तौकीर अहमद ने कहा कि भाजपा के इशारे पर जिस लोकपाल बिल के लिए अन्ना ने अनशन किया गया था। अब लोकपाल बिल अब कहां है। नोटबंदी के दौरान सैकड़ों लोग बैंकों की लाइनों में लगकर मारे गए तब अन्ना हजारे कहां थे। साथ ही जीएसटी को भाजपा सरकार की हिटलरशाही के चलते देश पर थोप दिया गया जिससे लाखों मध्यम व्यवसायियों के कारोबार बंद हो गए और देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा। ऐसे हालातों में कुंभकरण की नींद सो रहे अन्ना हजारे तब कहां थे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समाजसेवा के नाम पर देश की जनता को उल्लू बनाना छोड़कर वापस जाने की अन्ना हजारे को नसीहत दे डाली और कहा कि अन्ना हजारे भाजपा का मुखौटा उतार फैंके। काले झंडे दिखाए जाने के दौरान वरीद वारसी, अशरफ अंसारी, सलाहुद्दीन सैफी, शानू खान, फुरकान कुरैशी, आरिफ तनवीर, अकील मिस्त्री, अंजार मंसूरी, रेहान खान, विजय शर्मा, मास्टर महताब, फैजान, शिव किशोर गौतम, आजम कुरैशी, अरूण शर्मा, आलम कुरैशी, मुख्तियार, नफीस, सुहैल सैफी आदि रहे।
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