यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Anuj Chaudhary Profile: ASP अनुज कुमार चौधरी का कहां हुआ ट्रांसफर? 2012 में बने थे अधिकारी, मिल गई पूरी प्रोफाइल
संभल हिंसा के बाद चर्चा में आए एएसपी अनुज कुमार चौधरी का फिरोजाबाद तबादला कर दिया गया है। उन्हें एएसपी ...और पढ़ें

HighLights
- एएसपी अनुज चौधरी का फिरोजाबाद तबादला |
- संभल हिंसा के बाद चर्चा में आए थे |
- विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं |
जागरण संवाददाता, चंदौसी। संभल हिंसा के बाद अपने बयानों को लेकर चर्चित रहे एएसपी अनुज कुमार चौधरी का फिरोजाबाद जिले को स्थानांतरण किया गया है। वह एएसपी ग्रामीण का पद संभालेंगे। पिछले महीने ही दस अगस्त को उन्हें सीओ से एएसपी पद पर प्रोन्नत किया गया था। चंदौसी में उनका करीब साढ़े चार महीने का कार्यकाल रहा। बुधवार जारी आदेश में सरकार ने उनका लबादला फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण के पद पर किया है।
वर्ष 2012 में खेल कोटे से पीपीएस अधिकारी के रूप में भर्ती हुए अनुज चौधरी इस कोटे से एएसपी बनने वाले पहले अधिकारी हैं। दो अगस्त को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में 29 डिप्टी एसपी के नामों पर चर्चा के बाद उनका प्रमोशन तय हुआ था। इसी सूची में चंदौसी सीओ के पद पर तैनात रहे अनुज चौधरी का नाम भी शामिल था। संभल हिंसा के समय संभल सर्कल के सीओ थे। 12 साल की सेवा पूरी होने के बाद उन्हें अगस्त में प्रमोशन मिला था।
वह अपने बेबाक बयानों के लिए भी चर्चा में रहे हैं, खासकर जुमे की नमाज को लेकर दिए बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि जुमे का दिन साल में 52 बार आता है, होली एक बार, जिसे रंग से परहेज हो वह घर से न निकले। इस बयान पर विवाद के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका समर्थन किया था।
इसके अलावा जुलूस में गदा लेकर चलना, भंडारे कराना और कुड़ा बीनने और भीख मांगने वाले बच्चों को कपड़े व जूते दिलाना, जिम में जाकर वीिडयो प्रसारित कराना आदि ने उन्हें चर्चित बना दिया। बच्चों इससे पहले रामपुर में तैनाती के दौरान उनकी सपा नेता आज़म खान से भी तीखी नोकझोंक सुर्खियों में रही।
मूल रूप से मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव निवासी चौधरी 2002 से 2010 के बीच नेशनल गेम्स में दो सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में देश का मान बढ़ाने वाले उन्होंने 1997 से 2014 तक नेशनल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। खेल उपलब्धियों के लिए उन्हें 2001 में लक्ष्मण अवार्ड और 2005 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। फिटनेस के प्रति सजग चौधरी विभाग में अपने सख्त और स्पष्ट अंदाज के लिए जाने जाते हैं।
इसके साथ ही कुलदीप कुमार प्रथम को अपर पुलिस उपायुक्त कमिश्नर प्रयागराज से अपर पुलिस अधीक्षक पुत्री जनपद संभल बनाया है। संभल में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के पद पर रहे राजेश कुमार श्रीवास्तव को अपर पुलिस अधीक्षक केंद्रीय आयुध भंडार सीतापुर भेजा गया है। चर्चित अधिकारी और हाल ही में प्रोन्नत होकर अपर पुलिस अधीक्षक बने अनुज कुमार चौधरी को संभल से अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जनपद फिरोजाबाद में स्थानांतरित किया है।
