दो साल बाद परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के चेहरों पर दिखीं चमक
जेएनएन सम्भल कोरोना के खौफ ने विद्यालयों के गेट पर ताले लटका दिए थे। बिना परीक्षा के ही छ

जेएनएन, सम्भल: कोरोना के खौफ ने विद्यालयों के गेट पर ताले लटका दिए थे। बिना परीक्षा के ही छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत कर दिया गया था, लेकिन दो साल शुरू हुई बोर्ड की परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के चेहरे अलग ही चमक रहे थे। स्कूल में पढ़ाई का मौका कम मिलने के बावजूद हाईस्कूल व इंटर के छात्र-छात्राओं ने घर में हर कर अच्छी तैयारी करने और पहले दिन बहुत अच्छा पेपर होने की बात कहते हुए खुशी जताई।
सम्भल के शंकर इंटर कालेज में सुबह सात बजे से पहले ही लंबी लाइन लग गई थी। परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए उत्सुक नजर आ रहे थे। कुछ परीक्षार्थी सीटिंग प्लान देख रहे थे। शिक्षकों ने तलाशी लेने के बाद एक-एक करके उन्हें कालेज के अंदर भेजा। उधर आचार्य मुक्तेश हकीम रईस सरस्वती इंटर कालेज में भी सुबह सात बजे से पहले ही परीक्षार्थी पहुंच गए थे। तमाम के साथ उनके अभिभावक भी थे। ऐसा ही नजारा शहर के अधिकांश स्कूलों के बाहर सुबह-सुबह देखने को मिला। पेपर करके बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरे पर अलग ही खुशी नजर आ रही थी। उनका कहना था कि पढ़ाई करने का मौका कालेज पूरे साल तो नहीं मिला, लेकिन घरों पर तैयारी की, जिससे परीक्षा ठीक हो गई।
डेढ़ घंटे तक एक होमगार्ड ने दी ड्यूटी
सम्भल: शंकर इंटर कालेज में सुबह जब परीक्षा शुरू हुई तो कालेज के गेट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती होनी चाहिए थी, लेकिन सुबह के समय डेढ़ घंटे तक मात्र एक ही होमगार्ड में ड्यूटी दी। जबकि ड्यूटी पर दो सिपाही और दो होमगार्ड लगाए गए थे।
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