विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

संभल में डेंगू का कहर: पांच साल की बच्ची की मौत, 25 हजार खर्चे फिर भी नहीं बची जान

By Dilip ThakurEdited By: Abhishek Saxena
Published: Wed, 04 Nov 2026 10:27 AM (IST)Updated: Wed, 04 Nov 2026 10:30 AM (IST)

संभल के अमावती गांव में पांच वर्षीय बच्ची नंदिनी की डेंगू से मौत हो गई, इलाज पर 25 हजार रुपये ...और पढ़ें

मृतका नंदिनी उर्फ निशु का फाइल फोटो।

मृतका नंदिनी उर्फ निशु का फाइल फोटो।

HighLights

  1. संभल में डेंगू से पांच वर्षीय बच्ची की मौत

  2. इलाज पर 25 हजार रुपये खर्च, फिर भी जान नहीं बची

  3. क्षेत्र के कई गांवों में बुखार का प्रकोप जारी

जागरण संवाददाता, संभल। गांवों में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंवासा विकासखंड के अमावती गांव में डेंगू से पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। रविवार को बुखार आने के बाद स्वजन गांव से लेकर सौंधन और संभल तक उसका उपचार कराते रहे। हालत बिगड़ने पर मुरादाबाद रेफर किया गया, लेकिन मंगलवार रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची के उपचार और जांच में स्वजन के करीब 25 हजार रुपये खर्च हो गए, इसके बाद भी मासूम की जान नहीं बच सकी।

मृतका नंदिनी उर्फ निशु के दादा सारनाम ने बताया कि रविवार को बच्ची को बुखार आया था। पहले गांव और फिर सौंधन में उपचार कराया। वहां 600 रुपये की जांच में प्लेटलेट्स 47 हजार आईं। इसके बाद 700 रुपये की दूसरी जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने उसे संभल रेफर कर दिया।

nandni file pic

नंदनी की फाइल फोटो।

मुरादाबाद ले जाते समय बिगड़ी हालत

स्वजन संभल के निजी अस्पताल पहुंचे तो वहां भी 700 रुपये की जांच कराई गई। इसके बाद बच्ची को भर्ती कर लिया गया। प्लेटलेट्स कम होने पर 15 हजार रुपये का जंबो पैक चढ़वाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर चिकित्सक ने 1200 रुपये की दवा लगाई, लेकिन कुछ ही देर बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया।

यह भी पढ़ें- संभल में दर्दनाक हादसा: बंदरों की उछल-कूद बनी काल, पीपल की टहनी गिरने से 5वीं के छात्र की मौत

यह भी पढ़ें- गिग वर्कर बनकर दिल्ली-NCR से बाइक चुराते थे, संभल में बेचते थे; 3 गिरफ्तार

कई गांवों में बुखार का प्रकोप

अमावती के अलावा रायपुर गांव में भी बुखार से एक छात्रा की मौत हो चुकी है। वहीं नारंगपुर और रुदायन में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। नारंगपुर में कई परिवारों के सदस्य बीमार हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में गंदगी और मच्छरों की भरमार के चलते परेशानी बढ़ रही है। लगातार बढ़ते प्रकोप के बावजूद ग्रामीण जांच और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से चिंतित हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाने, बुखार के मरीजों की जांच कराने और मच्छरों से बचाव के लिए नियमित छिड़काव कराने की मांग की है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।