सहारनपुर, जेएनएन। अब तक अपनी सतर्कता से बचते आ रहे सहारनपुर को निजामुद्दीन मरकज से निकली जमात ने कोरोना का वायरस लगा दिया। सहारनपुर में कोरोना का पहला मरीज सामने आ चुका है, जो कि आसाम का रहने वाला है। अब उसकी ट्रेवल हिस्ट्री को खंगालकर पुलिस प्रशासन कोरोना की चेन को तलाशने में लगी है। दरअसल प्रदेश के अन्य शहरों के मुकाबले सहारनपुर में सबसे ज्यादा जमाती पहुंचे। पुलिस रिकार्ड के अनुसार यहां पर 430 जमातियों से अधिक पाये गये, इसमें 63 विदेशी हैं, जो इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से जमात में शामिल हुए थे। अब इन जमातियों ने ही जिले में कोरोना का संकट ला खड़ा किया है।

शुक्रवार को एक जमाती की रिपोर्ट पॉजिटीव आने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। शनिवार को 20 और जमातियों को भी क्वारंटाइन किया गया, यह सभी वो हैं, जो तब्लीगी जमातियों के संपर्क में थे। जिलाधिकारी व एसएसपी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ उस गांव को पूरी तरह सील कर दिया है, जो कोरोना मरीज जमाती ठहरा हुआ था। इसके अलावा अन्य जमातियों पर भी लगातार निगाह बना रखी है। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड की सीमा पर बसे सहारनपुर को लेकर शासन इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि यहां तीनों राज्य से लोग आ रहे हैं। इनमे जमातियों सहित अन्य लोग भी शामिल हैं। जिला प्रशासन पहले ही जमातियों को लेकर गंभीर था, इसलिए चिन्हित किए गए 450 जमातियों में करीब 180 संदिग्ध कोरोना मरीजों को क्वारंटाइन किया गया और बाकि को उनके घरों में ही आइसोलेट रहने की सलाह दी गई थी। शुक्रवार को आसाम के जमाती के कोरोना मरीज होने की पुष्टि होने के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी अखिलेश कुमार ने रात में ही सीएमओ व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बैठक की और स्पष्ट किया कि जो भी संदिग्ध जमाती मिले, उसे सीधे क्वारंटाइन केंद्र में अपनी निगरानी में रखा जाए ताकि कोरोना संक्रमण फैल न सके। शनिवार सुबह ही जिलाधिकारी व सीएमओ टीम के साथ उस गाव में पहुंचे, जहां कोरोना का मरीज व जमाती मस्जिद में ठहरा हुआ था। इसके बाद करीब 11 अन्य जमाती थे। प्रशासन ने वहां के दो गांवों को सील कर दिया है। इन दोनों गांव में एक ही संप्रदाय के ग्रामीणों की संख्या अधिक है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारी व पुलिस ने एलान भी करवा दिया है कि दोनों ही गांव सील किए जा चुके हैं। न ही कोई बाहर जाएगा और न ही किसी को अंदर प्रवेश दिया जाएगा। 101 जमातियों की रिपोर्ट का इंतजार

पेपर मिल रोड स्थित आइपीटी परिसर में बनाए गए क्वारंटाइन केंद्र में फिलहाल 157 जमातियों की निगरानी की जा रही है। शुक्रवार शाम तक यहां 138 जमाती थे, लेकिन एक बुजुर्ग जमाती की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही उसे यहां से सीएचसी फतेहपुर में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया था। शनिवार सुबह 20 नए जमातियों को भी इसी केंद्र में निगरानी के लिए भर्ती किया गया है, यह वो जमाती हैं, जो तब्दलीगी जमात के संपर्क में थे। 37 की रिपोर्ट शुक्रवार शाम आ गई थी, जिसमें एक पॉजिटिव था, जबकि बाकी निगेटिव हैं। शुक्रवार को भेजे गए 80 सैंपल तथा शनिवार को भेजे गए 11 सैंपल की रिपोर्ट अभी प्रतीक्षारत है।

सहारनपुर के 12 कोरोना मरीज जमातियों की भी टेंशन

शहर की सीमा से सटे दो गांवों के 12 जमाती कोरोना के पॉजिटीव मरीज हैं। इनका इलाज लखनऊ के बलराम हॉस्पिटल में चल रहा है। इनमें 11 जमाती तो एक ही गांव के हैं जबकि एक उन्हीं के साथ वाले गांव का रहने वाला है। तीन मार्च को 40 दिन की जमात पर यह सभी गए थे और अब वहां कोरोना के मरीज हो गए हैं। इन जमातियों को लेकर भी स्थानीय प्रशासन टेंशन में आ गया है। इनके गांव में भी लोगों व परिजनों को सतर्क रहने को कहा गया है।

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इनका कहना है..

जमातियों के साथ हर उस शख्स पर नजर है, जो बाहर से जिले की सीमा में आया है। क्वारंटाइन केंद्रों पर रखे गए जमातियों को लेकर सुबह-शाम सीएमओ से अपडेट ली जा रही है। आसाम के जिस जमाती की रिपोर्ट पॉजिटीव मिली है, उसके साथ के अन्य जमातियों को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है।

-अखिलेश कुमार, जिलाधिकारी।

Edited By: Jagran