Cancer Treatment: स्वच्छ पेयजल से कैंसर को रोका जा सकता? IIT Roorkee और IEEAS के बीच हुआ समझौता
Saharanpur News - UP News - सहारनपुर में स्वच्छ पेयजल और कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए आईआईटी रुड़की और इमैजिनेशन एनवायरनमेंटल साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत भू-जल के नमूनों का मूल्यांकन किया जाएगा और जल शोधन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे जिससे स्थानीय समुदाय को सुरक्षित पेयजल मिल सके और बीमारियों से बचाव हो सके।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जनपद सहारनपुर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की और
इमैजिनेशन एनवायरनमेंटल साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के बीच तीन वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। आइआइटी रुड़की के प्रोफेसर विवेक मालिक ने बताया कि इस समझौते के अंतर्गत भू-जल के नमूने की गुणवत्ता मूल्यांकन तथा 3000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जल शुद्धिकरण संयंत्रों की स्थापना हेतु उपयुक्त स्थानों की पहचान विषयक परियोजना पर कार्य किया जाएगा।
परियोजना आइआइटी रुड़की के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संचालित होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सहारनपुर और आस पास के जिलों से भू-जल के नमूने एकत्रित कर उनकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी।
परीक्षणों के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में भू-जल प्रदूषण गंभीर स्तर पर है और स्थानों पर जल शुद्धिकरण संयंत्र संस्थापित करने की सबसे अधिक आवश्यकता है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय समुदाय को स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके, जिससे बीमारियों की रोकथाम की जा सके और विशेषकर कैंसर जैसी घातक बीमारी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।
समझौते पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रोफेसर विवेक मालिक, प्रो. साई रामुडु व प्रो. अभिजीत मैती, आइइएस प्रा.लिमि. की ओर से निदेशक डा. एमपी सिंह व डा. अनिल कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डा. आदित्य पांडे, डा प्रशांत सिंह, ललित वधावन आदि उपस्थित रहे।
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