यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सी-22: कुंडी में मेमवती का निर्विरोध ग्राम प्रधान बनना तय
प्रदेशभर में ग्राम प्रधान की कुर्सी के लिए जारी जोड़तोड़ और हथकंडेबाजी के बीच सरसावा विकासखंड के कुंडी गांव के ...और पढ़ें

सहारनपुर, जेएनएन। प्रदेशभर में ग्राम प्रधान की कुर्सी के लिए जारी जोड़तोड़ और हथकंडेबाजी के बीच सरसावा विकासखंड के कुंडी गांव के लोगों ने बेहतरीन मिसाल पेश की है। इसके लिए समर्थकों में हर्ष है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से मेमवती को प्रधान चुन लिया है। हालांकि, निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा दो मई को मतगणना के दिन प्रमाण पत्र दिये जाने के बाद ही होगी।
ग्राम पंचायत कुंडी का प्रधान पद सामान्य महिला में आरक्षित हुआ था। मेमवती के ससुर ओमपाल सिंह ने बताया कि आरक्षण तय होने के बाद गांव के लोगों ने पंचायत कर सर्वसमाज के पांच लोगों को पंच बनाया।
पंचों ने सर्वसम्मति से मेमवती पत्नी श्याम कुमार को प्रधान पद का उम्मीदवार चुना। तीन अप्रैल को उनका नामांकन-पत्र दाखिल कराया। इसके साथ ही एक डमी उम्मीदवार का नामांकन भी किया गया।
बुधवार को डमी उम्मीदवार ने अपना नामांकन-पत्र वापस ले लिया। इसके बाद प्रधान पद के लिए मात्र मेमवती का नामांकन रह गया। ग्रामीण उनके घर शुभकामनाएं देने पहुंच रहे हैं।
दसवीं पास हैं मेमवती
करीब 48 वर्षीय मेमवती कक्षा 10 तक पढ़ी हैं। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। मेमवती का कहना है कि गांव का विकास उनकी प्राथमिकता है। सभी वर्गों को बराबर सम्मान दिया जाएगा।
1988 में भी चुना था निर्विरोध प्रधान : ग्रामीणों के मुताबिक, 1988 में भी कुंडी में निर्विरोध प्रधान चुना गया था। लोगों ने इसी परंपरा को दोहराते हुए अन्य गांवों के लोगों से भी सर्वसम्मति से प्रधान चुनने की अपील की है। इससे अनावश्यक खर्च से भी बचेंगे और आपसी भाईचारा भी कायम रहेगा।
