8वीं पास हर्षिता हैं 800 बिलियन डॉलर की अमेरिकी कंपनी की जनरल पार्टनर, सहारनपुर की बेटी की सक्सेस स्टोरी
सहारनपुर की हर्षिता अरोड़ा अमेरिका में वाई कांबिनेटर की जनरल पार्टनर बन गई हैं। यह 800 बिलियन डॉलर की दिग्गज ...और पढ़ें

स्वजन के साथ हर्षिता।
HighLights
सहारनपुर की हर्षिता बनीं Y Combinator की जनरल पार्टनर।
क्रिप्टो ऐप और A-to-B कंपनी से बनाई पहचान।
विश्व प्रताप, सहारनपुर। महज कक्षा आठ से स्कूल छोड़ने वाली सहारनपुर की बेटी हर्षिता अरोड़ा अब अमेरिका में कामयाबी के झंडे गाड़ रही हैं। छोटे से शहर सहारनपुर से निकलकर हर्षिता अमेरिकी की दिग्गज इनक्युबेटर कंपनी वाई कांबिनेटर को दिशा दे रही है।
करीब 800 बिलियन डालर की कंपनी की वाई कांबिनेटर की जनरल पार्टनर बनी हर्षिता ने अपनी सफलता से साबित कर दिया कि मेधा किसी सर्टिफिकेट की मोहताज नहीं होती। हर्षिता आज जनपद की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
महानगर के अहमद बाग निवासी आटो फाइनेंसर रविंद्र सिंह अरोड़ा और जसविंद्र कौर की इकलौती बेटी हर्षिता ने पाइनवुड स्कूल से कक्षा-8 पास करने के बाद पारंपरिक पढ़ाई छोड़ आइटी के क्षेत्र में ज्ञान अर्जित करना शुरू किया। एप डेवलपर बनने के लिए महज 15 साल की उम्र से ही हर्षिता ने कठिन परिश्रम शुरू कर दी थी।
फेसबुक पर सेल्सफोर्स की जानकारी मिलने पर वह इंटर्नशिप करने बेंगलुरू चली गई थीं। 2016 में मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) के कार्यक्रम एमआइटी लांच में भाग लिया। यहां पर उन्होंने फाइनेंस कैटेगरी के लिए एप तैयार किया। यह एप्लीकेशन आइओएस पर चलता है।
वर्ष-2018 में आइओएस पर क्रिप्टो करेंसी प्राइस ट्रैकर एप्लीकेशन बनाने के बाद सुर्खियों में आई हर्षिता को वर्ष 2020 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार प्रदान किया था। एप्पल ने इस एप को अपने एप स्टोर में शामिल किया था।
पेड एप होने के बावजूद यह टाप-3 एप में शामिल हुआ था। हर्षिता का यह एप दुनियाभर की क्रिप्टो करेंसी के मूल्यों में हो रहे उतार-चढ़ाव का रियल टाइम स्टेटस बताता है। हर्षिता ने इस एप को 20 हजार डालर में बेचने के बाद वर्ष 2020 में ए-टू-बी कंपनी कंपनी बनाई।
अमेरिका में ट्रकों के लिए फ्यूल कार्ड उपलब्ध कराने वाली इस कंपनी को काफी निवेश मिला। मात्र दो साल बाद ही कंपनी का मूल्यांकन 6700 करोड़ रुपये आंका गया था।
हालांकि करीब दो वर्ष पहले हर्षिता ने इस कंपनी को छोड़ दिया तथा अमेरिकी कंपनी वाई कांबिनेटर में विजिटिंग पार्टनर बन गई। अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को शहर में रह रही हर्षिता को इसी साल अप्रैल माह में वाई-कांबिनेटर कंपनी में जनरल पार्टनर बनी थी। दुनियाभर के करीब 500 से 600 स्टार्टअप में फंडिंग करने वाली वाई कांबिनेटर को नई दिशा दे रही हैं।
रविंद्र सिंह अरोड़ा ने बताया कि वाई कांबिनेटर स्टार्टअप्स में निवेश के बदले उनमें 40 प्रतिशत हिस्सेदारी ले लेती है। स्टार्टअप की वैल्यू बढ़ने के साथ ही वाई-कांबिनेटर का लाभ बढ़ता जाता है। जनरल पार्टनर के तौर पर हर्षिता अब 15 अन्य जनरल पार्टनर्स के साथ निवेश के लिए स्टार्टअप्स के चयन में अहम भूमिका निभा रही हैं।
