झोलाछाप ने इंजेक्शन लगाया और बच्चे की हो गई मौत... चिकित्सकीय लापरवाही नहीं, बल्कि हत्या है
सहारनपुर के देवबंद में एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हो गई। अदालत ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही नहीं, बल्कि हत्या माना है। पीड़ित माता-पिता ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन लगाए थे, जिसके कारण बच्चे की जान चली गई। अदालत ने पुलिस को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

सहारनपुर के देवबंद में एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हो गई। अदालत ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही नहीं, बल्कि हत्या माना है। (प्रतीकात्मक फोटो)
संवाद सहयोगी, जागरण, देवबंद (सहारनपुर)। झोलाछाप द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ समय बाद एक बच्चे की मौत के मामले को अदालत ने केवल चिकित्सकीय लापरवाही नहीं, बल्कि हत्या का अपराध माना है। एसीजेएम परविंद्र सिंह ने पुलिस को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
मामला छह माह पुराना है। कोतवाली क्षेत्र के गांव जड़ौदा जट्ट निवासी कोमल पत्नी विनोद शर्मा ने एसीजेएम के समक्ष वाद दायर कर बताया कि 21 अप्रैल 2025 को उसके बेटे उपलक्ष्य के पेट में अचानक दर्द हुआ। उपचार के लिए उसने गांव में क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप इमरान को बुलाया। आरोप है कि उसने बच्चे को दो इंजेक्शन लगाए, जिसके कुछ समय बाद बच्चे के हाथ-पैर नीले पड़ गए और उसकी मृत्यु हो गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इमरान ने बच्चे को एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन लगाए, जिससे उसकी मौत हुई। पीड़िता ने उसे झोलाछाप बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। अन्य लापरवाही भी बताई गई थीं। शुक्रवार को एसीजेएम परविंद्र सिंह ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए इसे चिकित्सकीय लापरवाही के साथ-साथ हत्या का अपराध माना और पुलिस को आरोपित झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

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