विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आस्था का केंद्र है सराय का प्राचीन शिव मंदिर, शिवालय में हर मुरादें होती हैं पूरी; सावन में लगती है भारी भीड़

Published: Wed, 07 Aug 2024 05:14 PM (IST)

यूपी के सहारनपुर में एक ऐसा पुराना शिवालय स्थित है जहां श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है। लोगों की आस्था है ...और पढ़ें

सराय में बसे शिवालय में लोगों की बढ़ती आस्था
सराय में बसे शिवालय में लोगों की बढ़ती आस्था

HighLights

  1. गंगोह के सराय में बसे शिवालय में लोगों की बढ़ती आस्था
  2. सावन में शिवभक्तों से खचाखच रहता है शिवालय
  3. शिव चतुर्दशी पर जल चढ़ाने वालों का लगता है तांता

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। गंगोह के सराय में रामलीला भवन स्थित शिव मंदिर में लगातार श्रद्धालु बढ़ते जा रहे हैं। इस पुराने शिवालय से लोगों की श्रद्धा में बढोतरी हो रही है। पूरे सावन माह यहां श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। यहां वर्ष भर मंदिर संचालक मंडल द्वारा अनेक आयोजन किए जाते हैं।

मंदिर का इतिहास

शिव मंदिर का निर्माण काफी समय पूर्व कराया गया था। मंदिर की ख्याति धीरे-धीरे बढ़ रही है और श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। श्रावण मास में यहां पूजा-अर्चना चलती रहती हैं। शिव चतुर्दशी पर भी यहां जल चढ़ाने वालों का तांता लगता है। इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई। मंदिर में शिव परिवार के अलावा अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा भी स्थापना की हुई है।

मंदिर की विशेषता

सावन माह की शिव रात्रि व महाशिव रात्रि को इस मंदिर में शिव का विशेष गुणगान होता है। इन सभी आयोजनों में इस क्षेत्र के लोग अपनी पूरी हिस्सेदारी रखते हैं। यहां स्थापित शिवलिंग के पास बैठ कर ध्यान लगाने से शांति का अनुभव होता है, इसलिए यहां श्रद्धालु अपनी मुराद लेकर आते हैं।

शिव के द्वार पर आने वाला कोई भी श्रद्धालु खाली नहीं जाता। मंदिर में श्रद्धालु लगातार बढ़ रहे हैं। सच्चे मन से प्रार्थना करने वालों की मुराद शिव अवश्य पूरी करते हैं। जो श्रद्धालु ध्यान लगाते हैं वह कभी शिव के दरबार से खाली नहीं जाते।

-पं. अनिल कुमार शर्मा, पुजारी

शिव मंदिर आस्था का समंदर है और भगवान शंकर भाव के भूखे हैं। भगवान शिव के दर्शन करने वाले हर भक्त की वह इच्छा पूरी करते हैं। मन में शिव का भाव लेकर जाने वाले श्रद्धालु को भगवान शिव कभी निराश नहीं करते।

- संजीव शर्मा, श्रद्धालु

यह भी पढ़ें- Shani Pradosh Vrat 2024: कब है सावन माह का अंतिम प्रदोष व्रत? नोट करें शुभ मुहूर्त एवं योग