सहारनपुर में 5,000 परिवारों का घर का सपना होगा साकार, PM आवास योजना में लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया तेज
Saharanpur News: सहारनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 5,000 गरीब परिवारों को पक्के मकान मिलेंगे। लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
प्रशासन से लक्ष्य मिलते ही लाभार्थियों के चयन की कवायद तेज।
बीडीओ को पात्र परिवारों की सूची तत्काल भेजने के निर्देश।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की छत का इंतजार कर रहे गरीब परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत करीब पांच हजार पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
शासन से लक्ष्य मिलने के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को पात्र परिवारों की सूची तैयार कर जिला मुख्यालय को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ ऐसे गरीब परिवारों को दिया जाना है, जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है और जो अब तक योजना के तहत आवास का लाभ नहीं ले सके हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्देश पर हाल में कराए गए सर्वे में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को चिह्नित किया गया है। इसी सर्वे के आधार पर पात्रता की जांच करते हुए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
शासन से लक्ष्य मिलने के बाद अब विकास खंड स्तर पर पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कराई जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही योजना का लाभ मिले।
लाभार्थियों की सूची जिला स्तर पर प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर आवास निर्माण के लिए धनराशि जारी की जाएगी। योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के साथ ही उनके घर में शौचालय की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
इससे ग्रामीण गरीब परिवारों को न केवल सिर पर पक्की छत मिलेगी, बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित जीवन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। पीडी प्रणय कृष्ण ने ग्रामीण विकास विभाग का जोर इस बात पर है कि चयन प्रक्रिया समय से पूरी कर पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाया जाए। पांच हजार परिवारों को आवास मिलने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से कच्चे या जर्जर मकानों में रह रहे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
