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    नाटक 'अंधों का हाथी' का मंचन

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    Updated: Mon, 14 Apr 2014 10:35 PM (IST)

    सहारनपुर : रंग यात्रा नाट्य एवं कला संस्थान के तत्वावधान में मौजूदा व्यवस्था पर तीखे कटाक्ष करते हुए शरद जोशी कृत नाटक 'अंधों का हाथी' का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक में दिनों दिन बढ़ते सियासत के खोखलेपन तथा उसके शिकार होते आमजन की त्रासदी को रंगकर्मियों ने बेबाक नजरिये से दर्शकों के समक्ष रखा।

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    पेपर मिल रोड स्थित आईआईटी कैंपस प्रेक्षागृह में नाटक का शुभारंभ वरिष्ठ रंगकर्मी विजेश जोशी, जावेद सरोहा, संजय गुप्ता, राजेश शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। युवा रंगकर्मी रविन्द्र तेजान की परिकल्पना एवं निर्देशन से सजे नाटक में आज की राजनैतिक व्यवस्था पर अपने अपने अंदाज में तंज कसे।

    नाटक में सूत्रधार (जनता) अंधों (नेताओं) को मंच पर लेकर आता है। मंच पर आने के बाद अंधों के पास पर्याप्त अधिकार व शक्तियां आ जाती है तो ये जनता को अनदेखा करते हैं तथा जानबूझकर जनता की समस्याओं को समझने का प्रयास नहीं करते हैं। कोई हाथी की पूंछ पकड़ता है तो कोई सूंड, कोई कान लेकिन हाथी यानि समस्या को सही दृष्टिकोण से समझने की कोशिश नहीं करते। अंत में कोरे भाषणों से जनता को गुमराह करते हैं तथा सूत्रधार को मार डालते हैं। डेढ़ घंटा अवधि के नाटक मंचन का दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। सूत्रधार की भूमिका में दिनेश तेजान, अंधों के किरदार में माजिद अली, दिनेश सांसी, जुबैर अली धीरज बत्रा ने अपनी अमिट छाप छोड़ी। पा‌र्श्व मे गायन शुभम भारती, मंच व्यवस्था योगेश पंवार, रामकुमार तेजान, रुप सज्जा उर्मिला शर्मा, मौ. अरशद, माही खान, वस्त्र परिकल्पना नीलू सत्यार्थी, दानिश खान, प्रकाश संरचना रविन्द्र तेजान तथा संचालन राकेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर केके गर्ग, राजीव सिंघल, अशोक वर्मा, प्रदीप, अमित त्यागी, आदित्य मौर्य, पवन सिंह, प्रदीप कुमार, अनुपम चौधरी, प्रशांत राजन आदि उपस्थित रहे।