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    Diwali 2022: गाय के गोबर से बने दीयों से रोशन होगी दीपावली, लक्ष्‍मी-गणेश की कई राज्‍यों से भारी डिमांड

    By Jagran NewsEdited By: Vivek Bajpai
    Updated: Thu, 20 Oct 2022 04:15 PM (IST)

    Laxmi Ganesh of cow dung लक्ष्मी-गणेश की करीब 60 हजार मूर्तियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इनकी सबसे ज्यादा डिमांड दिल्ली मुंबई मध्य प्रदेश और राजस्थान में है। इन प्रदेशों से करीब छह लाख उत्पादों की मांग है।

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    गाय के गोबल से बनी लक्ष्‍मी-गणेश की मूर्ति। सौ. संस्‍था

    रामपुर, जागरण संवाददाता। केंद्र और प्रदेश सरकार का जोर स्वदेशी अपनाने पर है। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन इस बार इको फ्रेंडली दीपावली बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके लिए गायवाला परिवार का सहयोग लिया जा रहा है। गायवाला परिवार के सदस्य हर साल गाय के गोबर से दीपावली पर्व के लिए लक्ष्मी-गणेश बनाते हैं। इसके अलावा गोबर के दीये व अन्य उत्पाद तैयार करते हैं। इनकी बहुत डिमांड रहती है।

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    पिछले साल दीपावली पर पांच लाख से अधिक दीये बनाए गए थे। इस बार मांग बढ़ने पर लक्ष्य बढ़ा दिया है। इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश की करीब 60 हजार मूर्तियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इनकी सबसे ज्यादा डिमांड दिल्ली, मुंबई, मध्य प्रदेश और राजस्थान में है। इन प्रदेशों से करीब छह लाख उत्पादों की मांग है।

    बाकी स्थानीय स्तर पर बिक्री भी की जाती है। इन दीयों की कीमत डेढ़ रुपये से पांच रुपये तक है। इनके उत्पाद देखकर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ भी काफी प्रभावित हैं। उनके कहने पर संस्था के सदस्यों ने कलक्ट्रेट परिसर में स्टाल लगवाकर दीयों की बिक्री भी की।

    सरकारी गोशालाओं को भी आत्मनिर्भर बनाएगी संस्था गायवाला

    परिवार के संचालक प्रांजल अग्रवाल ने बताया कि वह गोशाला चलाते हैं। यहां पल रही गाय के गोबर और गोमूत्र से ही हमारी टीम तरह-तरह के उत्पाद बनाती है। इसके जरिए हम 30 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। इन उत्पादों को बेचकर गोशाला का खर्च निकल जाता है। अभी हम हाथ से ही काम करते हैं, लेकिन जिलाधिकारी ने मशीन दिलाने का आश्वासन दिया है।

    पानी में तैरने वाले दीपक की भारी मांग 

    इसके साथ ही संस्था की मदद से सरकारी गोशालाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग मांगा है। इन उत्पादों की ज्यादा रहती मांग देसी गाय के गोबर से बना पानी में तैरने वाला दीपक, गोबर से बना एक घंटे जलने वाला दीपक, गाय के गोबर से बने पानी में घुल जाने वाले लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और पंचगव्य से बनी धूपबत्ती की दीपावली पर्व पर सबसे ज्यादा डिमांड रहती है।

    ऐसे आनलाइन मंगाएं गोबर के उत्‍पाद

    इन्हें गायवालाडाटकाम के जरिए आनलाइन भी मंगाया जा सकता है। गाय के गोबर से बने दीयों की कीमत दो रुपये से पांच रुपये तक रखी गई है। गोबर से बनी लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं की शुरुआत 70 रुपये से की गई है। इसे लोग दीपावली पर दूसरों को उपहार में देने के लिए भी खरीद रहे हैं।