यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bird Flu: रामपुर में मुनादी कराकर बंद कराए चिकन कॉर्नर व एग शॉप, बर्ड फ्लू के बाद प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
रामपुर के बिलासपुर में बर्ड फ्लू मिलने से प्रशासन सतर्क हो गया है। शहर में मुनादी कराई गई और दुकानें ...और पढ़ें

HighLights
- बिलासपुर में बर्ड फ्लू मिलने से प्रशासन सतर्क
- शहर में मुनादी, चिकन और अंडे की दुकानें बंद
- मुर्गी फार्मों पर 15 दिन में होगी सैंपलिंग
जागरण संवाददाता, रामपुर। बिलासपुर में बर्ड फ्लू पाए जाने के बाद बरती जा रही सतर्कता के क्रम में प्रशासन के निर्देश पर सोमवार की रात शहर में विभिन्न स्थानों पर मुनादी कराई गई। इसके साथ ही नगर पालिका की टीम ने चिकन कार्नर व अंडे की शाप भी बंद कराए।
यह अभियान शाम सात से शुरु करके रात 10 बजे तक चला गया। नगर पालिका रोड, शाहबाद गेट रोड, डायमंड रोड, सिविल लाइंस व मालगोदाम आदि क्षेत्रों में इस तरह अभियान चलाकर चिकन व अंडे आदि की शाप बंद कराई गई।
10 किमी के दायरे वाले सभी फॉर्मों की मुर्गियों की हर 15 दिन बाद कराई जाएगी जांच
उत्तराखंड राज्य के रुद्रपुर की सीमा से सटी जनपद की बिलासपुर तहसील में पहली बार बर्ड फ्लू पाया गया है। इससे शासन व प्रशासन में खलबली मची हुई है। यहां बर्ड फ्लू कैसे पनपा ? यह सवाल अधिकारियों के जहन में कौंध रहा है, लेकिन अभी इसकी रोकथाम पर अधिक फोकस किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के सभी मर्गी फार्मों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। खासतौर से बिलासपुर क्षेत्र में संबंधित गांव से 10 किमी के दायरे में आने वाले मुर्गी फार्म की सूची बना ली गई है ताकि हर 15 दिन वहां सेंपलिंग कर मुर्गियों की जांच कराई जा सके।
सप्ताह भर से अधिक समय से मर रही थीं मुर्गियां
बिलासपुर क्षेत्र में करीब सप्ताह भर से अधिक समय से मुर्गियां मर रहीं थी। यह संख्या दर्जन-सैकड़ों के आंकड़े से शुरू होकर हजारों तक में पहुंच गई, लेकिन शुरुआत में इनकी सूचना पर प्रशासन व पशु चिकित्सा विभाग दोनों ने ही हल्के में लिया। बाद में ग्रामीणों की शिकायतें बढ़ी तब सरकारी अमला हरकत में आया। उसके बाद आवश्यक कार्रवाई तब शुरु हुई जब भोपाल से बर्ड फ्लू पाए जाने की रिपोर्ट प्रशासन को प्राप्त हुई। हजारों मुर्गियों की मौत को भी विभाग बिना रिपोर्ट प्राप्त हुए हल्के में ही लेता रहा।
एक किलोमीटर का एरिया सील
बहरहाल अब हर एंगिल पर सावधानी बरतते हुए नियंत्रण करने पर जोर दिया जा रहा है। चूंकि पाया वायरस अधिक प्रभावित करने वाला है। इस कारण एक किमी का क्षेत्र सील किया गया है। वहीं संबंधित गांव के मुर्गी फार्म को पूरी बंद कर दिया है।
पोल्ट्री फॉर्म की होगी जांच
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. वेद प्रकाश ने बताया कि सावधानी बतौर 10 किमी के दायरे वाले सभी मुर्गी फॉर्मों की तीन माह तक जांच कराई कराएगी। लगातार रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही क्षेत्र को बीमारी मुक्त माना जाएगा। हालांकि बिलासपुर के 11 फार्म समेत जिले भर में 30 मुर्गी फॉर्म पंजीकृत हैं। सभी कड़ी निगरानी में है। उनकी जांच कराते हुए सेंपलिंग कराई जा रही है।