दिल्ली बम धमाका : 10 साल पहले हल्द्वानी गया था मौलाना, शादी कर वहीं बसाया घर, SIR फॉर्म को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
दिल्ली धमाके के आतंकी डा. उमर से संपर्क में रहे उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी इमाम आसिम को हिरासत में लिया गया। वह 10 साल पहले रामपुर के टांडा के दढ़ियाल से हल्द्वानी आया था, शादीशुदा है और परिवार के साथ रहता था। उसका बड़ा भाई मोहम्मद कासिम मुरादाबाद के कुंदरकी में इमाम है। दिल्ली धमाके से इमाम के कनेक्शन सामने आने के बाद रामपुर पुलिस सतर्क हो गई है।

जागरण संवाददाता, रामपुर। दिल्ली धमाके के आतंकी डॉ. उमर से निकटता में उत्तराखंड के हल्द्वानी से हिरासत में लिया गया इमाम आसिम 10 साल पहले रामपुर के टांडा के दढ़ियाल से हल्द्वानी चला गया था। वहीं शादी कर परिवार संग रह रहा था। उसका बड़ा भाई मोहम्मद कासिम मुरादाबाद के कुंदरकी में परिवार के साथ रहता है और वहीं इमाम है। दिल्ली धमाके से इमाम का कनेक्शन सामने आने के बाद रामपुर पुलिस अलर्ट हो गई है।
पुलिस ने उसके स्वजन से पूछताछ की है। अभी हालांकि उसकी यहां सक्रियता नजर नहीं आ रही है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि दिल्ली बस धमाके से कनेक्शन के बाद आसिम के स्वजन के घर पुलिस टीम भेजी है। दढ़ियाल के मुहल्ला कच्ची मस्जिद निवासी 75 वर्षीय मोहम्मद नसीम वहां दढ़ियाल की जामा मस्जिद के इमाम हैं। उनके चार बेटे और चार बेटियां हैं।
सभी बेटे हैं इमाम
सभी बेटे इमामत करते हैं। आसिम चार बेटों में दूसरे नंबर का है। बड़ा बेटा मोहम्मद कासिम मुरादाबाद के कुंदरकी में इमामत करता है। तीसरा बेटा मोहम्मद नाजिम पिता के साथ ही रहता है। चौथा बेटा मोहम्मद सालिम मसवासी के गांव हसन का मझरा में मस्जिद का इमाम है।
शनिवार सुबह परिवार को आसिम के हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली तो वे पत्नी जैबुल निशा और बेटे नाजिम को लेकर हल्द्वानी चले गए। दढ़ियाल चौकी प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा ने भी उनके घर जाकर परिवार के लोगों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह 10 साल पहले यहां से चला गया था।
वह परिवार से ज्यादा संपर्क नहीं रखता था। आसिम के पकड़े जाने को लेकर लोगों में चर्चा रही। लोग गली-मुहल्लों में एक-दूसरे से जानकारी जुटाने में लग गए। आसिम का रामपुर में वोट नहीं है। इस बार उसका एसआइआर फार्म भी नहीं आया है।

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