जौहर यूनिवर्सिटी में काले धन की जांच तेज: चार साल में में तीसरी बार ईडी ने रामपुर में मारा छापा, ट्रस्ट का पंजीकरण रद
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में काले धन और सरकारी फंड के दुरुपयोग की जांच तेज ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
ईडी ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में काले धन की जांच तेज की।
रामपुर में चार साल में तीसरी बार ईडी ने छापा मारा, कार्रवाई की आहट।
वित्तीय अनियमितताओं के कारण जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द किया गया।
जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी निर्माण में काला धन लगा होने के आरोपों की जांच कर रही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के लगातार रामपुर आने से खलबली मच गई थी। ईडी चार साल में यहां तीसरी बार आई है, जबकि दो माह में ईडी का दूसरी बार आना हुआ है। इसे बड़ी कार्रवाई की आहट माना जा रहा है। यूनिवर्सिटी निर्माण से जुड़े फर्म संचालकों की बेचैनी बढ़ गई है। ईडी इनके खिलाफ कभी भी कार्रवाई शुरू कर सकता है।
इस वर्ष 19 अगस्त को ईडी रामपुर आई थी। तब ईडी के अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने सुबह सात बजे एक साथ आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी समेत आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की थी।टीम ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, सीके एसोसिएशन के डायरेक्टर पवन कुमार जैन के गंगापुर आवास विकास कालोनी स्थित आवास, सीके एसोसिएट के ज्वाला पैलेस पीपल टोला स्थित कार्यालय, सिविल लाइंस क्षेत्र शौकत रोड स्थित इलाही मस्जिद के सामने ए एंड एस इंटरप्राइजेज और गंज कोतवाली क्षेत्र में जेल रोड बाग छोटे स्थित शाहीन खान के आवास पर छापा मारकर कई लोगाें से पूछताछ की थी।
दो माह पहले ईडी ने रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी समेत छह स्थानों पर मारे थे छापे
दरअसल, आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के दुरुपयोग व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी की रडार पर वे सभी फर्म आ गई हैं, जिन्होंने यूनिवर्सिटी के निर्माण में ठेकेदारी की है। ईडी का अनुमान है कि सरकारी ठेकों के जरिए आने वाले फंड को निजी ठेकेदारों की मदद से डायवर्ट कर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के निर्माण में उसका इस्तेमाल किया गया था। आयकर की जांच में भी लगभग सौ करोड़ रुपये सरकारी बजट यूनिवर्सिटी के निर्माण पर खपाने की बात सामने आ चुकी है।
यही वजह है कि ईडी की जांच के दायरे में वे निजी कंपनियां, प्रमोटर और चार्टर्ड अकाउंटेंट व ठेकेदार शामिल हैं, जिन पर सपा शासनकाल के दौरान मिले सरकारी ठेकों के पैसों की हेराफेरी करने और ट्रस्ट को लाभ पहुंचाने का संदेह है।
ईडी की टीम इससे पहले वर्ष 2022 में भी यहां आकर जांच कर चुकी है। जल्द ही यूनिवर्सिटी निर्माण से जुड़े ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई शुरू किए जाने की आशंका जताई जा रही है जिसको लेकर आजम के खेमे में भी बेचैनी बढ़ गई है।
आज दो पैन कार्ड मामले में सजा पर हाईकोर्ट में होगी बहस
अब्दुल्ला के दो पैन कार्ड मामले में आजम खान की ओर से हाईकोर्ट में की गई अपील पर बुधवार को सुनवाई होगी। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल से अब्दुल्ला व उनके पिता आजम खान को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई गई थी। अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील की थी। इस पर सुनवाई के बाद आजम खान की सजा बढ़ाकर दस वर्ष कर दी गई जबकि, अब्दुल्ला की सजा सात वर्ष बरकरार रखी है। इस सजा के खिलाफ ही आजम खान की ओर से हाईकोर्ट प्रयागराज में सुनवाई चल रही है।
आजम खान के अब तक 16 मुकदमों में आ चुका फैसला, आठ में हुई सजा
अब तक मोहम्मद आजम खान के 16 मुकदमों में न्यायालय ने फैसला सुना दिया है। जिनमें आठ में सजा हुई है जबकि, अन्य आठ में क्लीन चिट मिली है। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने पर आजम खान के खिलाफ 84 मुकदमे दर्ज हुए थे। मुकदमा दर्ज कराने वाले 90 प्रतिशित पीड़ित मुस्लिम ही हैं। आजम को सबसे अधिक दस-दस वर्षों की सजा डूंगरपुर व दो पैन कार्ड बनवाने और उनका उपयोग करने के मामले में हुई है।
हाल ही में रामपुर विकास प्राधिकरण के जौहर विश्वविद्यालय में बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाये गए 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश को लेकर आजम खान फिर सुर्खियों में रहे। हालांकि, मंडलायुक्त ने ध्वस्तीकरण के आदेश पर अंतरिम रोक लगाकर उन्हें थोड़ी राहत दे दी है।
इन दानदाता फर्मों का मांगा ब्योरा
- 1- पिरामिड कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, लखनऊ
- 2- सालार ओवरसीज लिमिटेड, मुरादाबाद
- 3- ए. आर. एजुकेशन ट्रस्ट, दिल्ली
- 4- अर्थ कम्युनिकेशल इंफ्राटेक (प्राइवेट) लिमिटेड, नोएडा
- 5- रामिगेट इंफ्रा डेवलपर्स (प्राइवेट) लिमिटेड, नई दिल्ली
- 6- रायल एम्पोरिया फ्रा टेक (प्राइवेट) लिमिटेड
- 7- फ़ैज़ा परवीन, मुरादाबाद
- 8- मोहम्मद हसीब, बहराइच
- 9- रोबोट विनिमय प्राइवेट लिमिटेड (रद्द)
- 10- वंडर सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड
- 11- ड्रीम ऑफ पर्ल रियल्टी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
आयकर विभाग निरस्त कर चुका है ट्रस्ट का पंजीकरण
वित्तीय अनियमितताएं मिलने पर आयकर विभाग ने 24 जून को जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त कर दिया था। ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2023-24 में 11 फर्मों से करोड़ों रुपये दान मिलने का तथ्य दर्शाया गया है। आयकर विभाग ने 24 जुलाई को जौहर ट्रस्ट को भेजे नोटिस में कहा है कि जिन 11 फर्मों से आपको दान प्राप्त हुआ है, उसके संबंध में दान की राशि, बहीखाता, दान की रसीद, आयकर रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज प्रदान करें, जो पहचान, साख और दान राशि की प्रामाणिकता को सिद्ध करते हों।
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ट्रस्क जब्ती की कार्रवाई के दौरान भी इसका ब्योरा उपलब्ध नहीं करा पाया था
जौहर ट्रस्ट विश्वविद्यालय में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान भी इसका ब्योरा उपलब्ध नहीं करा पाया था। इसको लेकर जांच रिपोर्ट में आयकर विभाग की टीम ने टिप्पणी की थी कि, ‘पूछताछ के दौरान यह पता चला कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के बहीखातों में उल्लिखित कई दानदाता अस्तित्वहीन संस्थाएं हैं। इसके साथ ही उसने सभी 11 फर्मों के नाम का भी उल्लेख किया था।
