अब हर शुक्रवार मिलेगा पौष्टिक हलवा और उपमा, रामपुर के 1.54 लाख स्कूली बच्चों को लाभ
रामपुर के परिषदीय स्कूलों में अब बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ हर शुक्रवार हलवा और उपमा मिलेगा। प्रधानमंत्री पोषण ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
हर शुक्रवार मिलेगा बच्चों को हलवा या उपमा।
1.54 लाख बच्चों को मिलेगा पोषण योजना का लाभ।
रसोइयों को भी मिलेगा प्रति बच्चा अतिरिक्त पारिश्रमिक।
राधेश्याम, रामपुर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब मध्याह्न भोजन के साथ हर सप्ताह हलवा और उपमा भी परोसा जाएगा। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत पूरक पोषण कार्यक्रम में बच्चों को सूजी से तैयार मीठा हलवा और नमकीन उपमा देने की तैयारी है। जिले के 1596 स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1.54 लाख बच्चों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
शासन की योजना के अनुसार हर शुक्रवार को बच्चों को अतिरिक्त खाद्य सामग्री दी जाएगी। शुक्रवार को विद्यालय बंद रहने पर अगले कार्यदिवस में वितरण कराया जाएगा।
शुक्रवार को स्कूलों में 1.54 लाख बच्चों को मिलेगा अतिरिक्त नाश्ता
महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में मीठा हलवा, जबकि दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में नमकीन उपमा तैयार कर बच्चों को दिया जाएगा। विद्यालयों में रसोइये प्रत्येक बच्चे के लिए न्यूनतम 30 ग्राम सूजी और अन्य निर्धारित सामग्री से हलवा या उपमा तैयार करेंगे। मीठे हलवे की अनुमानित लागत सात रुपये और नमकीन उपमा की चार रुपये प्रति बच्चा बताई गई है।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए विद्यालय स्तर पर सामग्री की व्यवस्था, भोजन तैयार करने और वितरण का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा।
हलवे पर सात, उपमा पर चार रुपये खर्च
प्रति बच्चे मीठे हलवे की अनुमानित लागत सात रुपये और नमकीन उपमा की चार रुपये निर्धारित की गई है। हलवा तैयार करने में सूजी, चीनी और घिसे नारियल का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, उपमा बनाने के लिए सूजी, तेल, मौसमी सब्जियां, मूंगफली और मसालों का प्रयोग होगा। खाद्य सामग्री की खरीद स्थानीय स्तर पर की जाएगी और गुणवत्ता का ध्यान रखना होगा।
रसोइयों को भी मिलेगा अतिरिक्त पारिश्रमिक
योजना के तहत रसोइयों को प्रति बच्चा प्रति विद्यालय दिवस दो रुपये अतिरिक्त पारिश्रमिक देने का भी प्रावधान है। यह राशि विद्यालय में कार्यरत रसोइयों के बीच समान रूप से बांटी जाएगी। इसका भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके बैंक खातों में किया जाएगा। योजना के संचालन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, वितरण और अभिलेखों का रखरखाव भी महत्वपूर्ण रहेगा।
आंकड़े एक नजर में
- जिले के स्कूल: 1596 परिषदीय विद्यालय
- लाभार्थी: करीब 1.54 लाख बच्चे
- योजना की अवधि: नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के तीसरे सप्ताह तक
- कुल अवधि: 14 सप्ताह
- वितरण का दिन: प्रत्येक शुक्रवार, अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस में
- मीठा हलवा: महीने के पहले और तीसरे सप्ताह
- नमकीन उपमा: दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह
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डीसी पीएम पोषण योजना राहुल सक्सेना ने बताया कि योजना का उद्देश्य बच्चों को नियमित मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर उनके पोषण स्तर में सुधार करना है। शासन के निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों तक योजना पहुंचाने और पात्र बच्चों को इसका लाभ दिलाने की तैयारी की जाएगी।
