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    Hate Speech मामले में सजा मिलने के बाद Azam Khan की गली हुई वीरान, पहले जमा रहती थी भीड़

    Azam Khan Street Deserted एक दौर था जब समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खां के घर के सामने गली से गुजरना भी मुश्किल था। यहां इतनी भीड़ उमड़ती थी कि कई बार तो धक्का-मुक्की हो जाती थी लेकिन आज उसी गली में वीरानगी सी छाई है।

    By Mohd MuslemeenEdited By: Samanvay PandeyUpdated: Tue, 01 Nov 2022 04:28 PM (IST)
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    Azam Khan Street Deserted : आजम खां के बाहर गली में बैठे पुलिस वाले। जागरण

    रामपुर (मुस्लेमीन)। Azam Khan Street Deserted : एक दौर था जब समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खां के घर के सामने गली से गुजरना भी मुश्किल था। यहां इतनी भीड़ उमड़ती थी कि कई बार तो धक्का-मुक्की हो जाती थी, लेकिन आज उसी गली में वीरानगी सी छाई है। सिर्फ सुरक्षा में लगे पुलिस वालों की ही चहल-कदमी नजर आ रही है।

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    आजम खां की वीरान गली

    यह बदलाव आजम खां के कानूनी शिकंजे में फंसने से आया है। तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद अगले दिन तो तमाम लोग हालचाल जानने आए, लेकिन अब इक्का-दुक्का लोग ही पहुंच रहे हैं। सत्ता की हनक और सत्ता छिनने की बानगी अगर देखनी है तो रामपुर में आजम खां के घर के पास चले आइये। जेल के पास एक गली में उनका घर है।

    मुलायम सिंह समेत तमाम बड़े नेता आए आजम की गली

    अब इस गली में पूरी तरह सन्नाटा छाया है। पुलिस वाले जरूर नजर आ रहे हैं। ये आजम खां की सुरक्षा में लगे हैं। उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। यह घर भले ही गली में है, लेकिन इसके अंदर सियासी ताकत बहुत रही है। सपा शासनकाल में मुख्यमंत्री कई बार यहां आए। रक्षामंत्री रहते मुलायम सिंह यादव समेत तमाम वीआइपी यहां आए हैं।

    आजम खां 10 बार रामपुर से रहे विधायक

    आजम खां खुद 10 बार रामपुर शहर से विधायक बन चुके हैं। राज्यसभा और लोकसभा सदस्य भी रहे हैं। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष भी रहे। प्रदेश में जब भी सपा की सरकार बनी, तब वह कई-कई विभागों के मंत्री रहे। उनकी पत्नी डा. तजीन फात्मा राज्यसभा सदस्य और शहर विधायक भी रही हैं।

    आजम के बेटे अब्दुल्ला भी हैं विधायक

    बेटे अब्दु्ल्ला आजम भी दो बार विधायक चुने जा चुके हैं और अब भी विधायक हैं। इस घर में इतनी बड़ी शख्सियत रहती हैं, फिर भी घर के सामने सन्नाटा है। एक दौर था जब आजम खां नगर विकास और संसदीय कार्य समेत आठ विभागों के मंत्री थे। उनकी सुरक्षा में 95 पुलिस वाले लगे थे। घर के सामने सुबह से ही भीड़ लगी रहती थी।

    मंत्री रहते हज यात्रा पर गए थे आजम

    गली से निकलना भी दुश्वार था। आजम खां जब घर से बाहर आते थे तो घंटों से इंतजार कर लोग उनसे मिलने के लिए धक्कामुक्की करने लगते थे। मंत्री रहते ही आजम खां हज यात्रा पर भी गए थे, जब वापस लौटे तो तमाम लोग उनसे मुलाकात के लिए आए। तब एक राज्यमंत्री और अधिकारियों को भी इसी गली में खड़े रहकर लंबा इंतजार करना पड़ा था।

    आजम खां ने कराया रामपुर का विकास

    सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल कहते हैं कि आजम खां ने अपने शहर में विकास के बड़े-बड़े काम कराए हैं। दूसरे लोगों ने विकास का कोई बड़ा काम नहीं कराया है, जो लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दूसरे जिलों के लोग भी आजम खां का हालचाल जान रहे हैं।