ऐन वक्त पर ED का 'फिल्मी दांव': आजम खां की रिहाई के परवाने पहुंचे जेल, फिर आधा दर्जन गाड़ियों से पहुंची टीम
हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सपा नेता आजम खां की रिहाई की सभी अड़चनें दूर हो गई थीं। ...और पढ़ें

रामपुर जेल के गेट से बाहर निकलते आजम खां। जागरण
HighLights
हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दूर हो गईं थीं रिहाई की सभी अड़चनें
दिल्ली व लखनऊ से जुड़े रहे तार, अधिकारियों को मिलते रहे दिशा-निर्देश
जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा नेता आजम खान की रिहाई को पुलिस ने भी सुनिश्चित मान लिया था। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दो दिन में ही सौ से अधिक मामलों में न सिर्फ जमानती दाखिल कर दिए गए बल्कि, थानों से उनका सत्यापन भी हो गया। आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की रिहाई के परवाने जेल पहुंच गए। मगर ऐन वक्त पर ईडी ने फिल्मी स्टाइल में एंट्री की और रिहाई मिलते ही आजम को गिरफ्तार कर ले गई।
पिछले तीन दिन से पुलिस पशोपेश में थी। हाई कोर्ट से आजम खान और अब्दुल्ला को जमानत मिलते ही ये खबर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गूंज रही थी।
ईडी 13 अक्टूबर को ही जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी बजट और ब्लैक मनी खपाने के आरोप में आजम खान के खिलाफ अजीम नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा चुकी थी। मगर पुलिस इस मामले को ठंडे बस्ते में डाले रही।
रिमांड वारंट के लिए न्यायालय में आवेदन तक नहीं किया। हालांकि, पुलिस का तर्क है कि प्राथमिकी के संबंध में ईडी ने साक्ष्य नहीं उपलब्ध कराए थे। बहरहाल, पुलिस और ईडी के बीच कहीं न कहीं लापरवाही जरूर हुई।
इसी वजह से 29 अक्टूबर को हाई कोर्ट से आजम खान और अब्दुल्ला की जमानत मंजूर होते ही उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया। इसकी भनक जब सत्ता के गलियारों तक पहुंची तो जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल जवाब शुरू हुए।
इसके बाद पुलिस ने अफरातफरी के बीच 30 अक्टूबर को न्यायालय में प्राथमिकी के संबंध में आजम खान के रिमांड वारंट के लिए अर्जी दी। इस पर सुनवाई के लिए न्यायालय ने सोमवार की तिथि नियत कर दी थी।
जबकि, शनिवार को ही आजम खान की रिहाई के परवाने जारी हो गए। बाजी हाथ से निकलती देख ईडी ने आखिरी दांव चल दिया। उसने मनी लांड्रिंग के मामले में बेहद गोपनीय तरीके से आजम खान की गिरफ्तारी की तैयारी कर ली।
जब पुलिस समर्थकों के बीच आजम खान को शांति-व्यवस्था के साथ घर पहुंचाने की रणनीति बना रही थी तभी शाम लगभग चार बजे ईडी ने आधा दर्जन गाड़ियों से दस्तक दे दी।
पहले तो पुलिस यही मानती रही कि शायद ईडी आजम खान से मनी लांड्रिंग के मामले में पूछताछ करने आई है, मगर पत्ते खुले तो पता चला कि वह उन्हें गिरफ्तार करने आई है। आजम की गिरफ्तारी से बड़ी संख्या में मौजूद उनके समर्थकों में मायूसी दौड़ गई।
कल रिमांड वारंट पर कोर्ट में होगी सुनवाई
ईडी की ओर से अजीम नगर थाने में आजम खान व उनके जौहर ट्रस्ट के खिलाफ दर्ज कराई गई भ्रष्टाचार, गबन आदि की प्राथमिकी में पुलिस ने न्यायालय में आजम खान का रिमांड वारंट जारी करने के लिए अर्जी दी है।
अगर शनिवार को आजम खान जेल से रिहा हो जाते तो यह प्रक्रिया समाप्त हो जाती। मगर अब आजम दोबारा गिरफ्तार हो गए हैं। इसलिए रिमांड वारंट पर सोमवार को बहस होगी।
न्यायालय अगर पुलिस की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों से संतुष्ट होगी तो रिमांड दे देगी। इसके बाद इस प्रकरण में भी जमानत कराने के बाद ही आजम की जेल से रिहाई संभव होगी।
विधायक आकाश सक्सेना ने दिखाई ताकत
हाई कोर्ट से आजम खान को जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। इसको लेकर इस मामले को उठाने वाले विधायक आकाश सक्सेना हाशिये पर आ गए थे।
लखनऊ में आजम खान के खिलाफ दर्ज कराए गए भ्रष्टाचार के मामले के साथ ही रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस द्वारा रिमांड की अर्जी न दिए जाने से विधायक सशंकित थे।
परदे के पीछे से कुछ अधिकारियों पर आजम खेमे की मदद करने की भी चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद विधायक ने दिल्ली से अपने तार जोड़ लिए।
ईडी को ढील देने पर दिल्ली से ही नाराजगी जताई गई। इसके बाद ईडी सक्रिय हो गई। विधायक आकाश सक्सेना ने बताया कि वह कानून के साथ हैं, भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी गई जंग में पीछे नहीं हटेंगे।
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