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    Azam Khan Case: सपा सरकार जाने के बाद शुरू हुए थे 'बुरे दिन', आजम खां के खिलाफ अब तक सात मुकदमों में फैसला, इनमें मिली सजा

    Updated: Sat, 25 May 2024 03:28 PM (IST)

    Azam Khan Case News In Hindi आजम खां के विरुद्ध अब तक सात मुकदमों में फैसला चार में सजा और तीन में राहत मिली थी। वर्ष 2019 से आजम खां के बुरे दिन शुरू हो गए। उन पर ताबड़तोड़ 84 मुकदमे दर्ज हुए थे जबकि 20 मामले पुराने दर्ज थे। इनमें ज्यादातर न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनमें सात मामलों में फैसला आ चुका है।

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    Azam Khan: आजम खां के विरुद्ध अब तक सात मुकदमों में फैसला, चार में सजा और तीन में राहत

    जागरण संवाददाता, रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के विरुद्ध अब तक सात मामलों में फैसला आ चुका है। इनमें चार में सजा और तीन में बरी हुए हैं। 

    पहले मामले में फैसला 27 अक्टूबर 2022 को आया था। यह मामला भड़काऊ भाषण का था, जो मिलक कोतवाली का था। इसमें एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ उन्होंने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील की थी। सजा के फैसले को सेशन में निरस्त कर दिया था।

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    इसके बाद 15 जुलाई 2023 को भड़काऊ भाषण के एक मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खां को दो साल कैद और ढाई हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह सजा शहजादनगर थाने में दर्ज मुकदमे में हुई थी। इसमें सजा के खिलाफ उनकी अपील सेशन कोर्ट से खारिज हो गई है।

    दो जन्म प्रमाण पत्र में सजा

    तीसरी बार सजा दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में हुई थी। यह सजा भी एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में 18 अक्टूबर 2023 को हुई थी। इसमें आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल कारावास की सजा हुई। तब से आजम खां सीतापुर और अब्दुल्ला हरदोई की जेल में सजा काट रहे हैं, जबकि तजीन फात्मा रामपुर जेल में बंद हैं।

    चौथे मामले में 23 दिसंबर 2023 को फैसला आया था। यह मामला पड़ोसी से मारपीट का था। इसमें आजम खां के अलावा उनके भाई सेवानिवृत्त इंजीनियर शरीफ खां, बेटे अब्दुल्ला और भतीजे बिलाल पुत्र शरीफ खां भी आरोपित थे। सभी को न्यायालय ने आरोप साबित न होने पर बरी किया था।

    डूंगरपुर प्रकरण में आया फैसला

    इसके अलावा 31 जनवरी 2024 काे एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने डूंगरपुर प्रकरण के एक मामले में फैसला सुनाया था। इसमें आजम खां के अलावा सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अजहर खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र चौहान समेत अन्य सपाई आरोपित थे।

    डूंगरपुर के 12 मामले गंज कोतवाली में दर्ज हैं। इनमें आरोप है कि डूंगरपुर में आसरा आवास बनाने के नाम पर गरीब लोगों के घरों को जबरन खाली कराया गया था। लूटपाट की गई थी। उनके घरों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया था इस मामले में न्यायालय ने सभी को बरी कर दिया था।

    सात साल की सजा 

    18 मार्च 2024 को फिर डूंगरपुर प्रकरण के एक मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया, जिसमें आजम खां को सात साल कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि पूर्व सीओ सिटी आले हसन खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां और बरकत अली ठेकेदार को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके तीन दिन बाद 21 मार्च 2024 को डूंगरपुर के तीसरे मामले में फैसला आया, जिसमें आजम खां समेत सभी आरोपितों को बरी कर दिया गया।

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    आजम खां के विरुद्ध इन मामलों में हो चुका फैसला

    1- 27 अक्टूबर 2022 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने मिलक कोतवाली में दर्ज भड़काऊ भाषण मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील पर उन्हें राहत मिल गई थी।

    2- 15 जुलाई 2023 को भड़काऊ भाषण के शहजादनगर थाने में दर्ज मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खां को दो साल कैद की सजा सुनाई थी। इसमें सजा के खिलाफ उनकी अपील सेशन कोर्ट से खारिज हो गई थी।

    3- 18 अक्टूबर 2023 को दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में भी एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई थी। तब से आजम खां सीतापुर और अब्दुल्ला हरदोई की जेल में सजा काट रहे हैं, जबकि तजीन फात्मा रामपुर जेल में बंद हैं।

    4- 23 दिसंबर 2023 को पड़ोसी से मारपीट के मामले में फैसला आया था, जिसमें आजम खां के अलावा उनके भाई सेवानिवृत्त इंजीनियर शरीफ खां, बेटे अब्दुल्ला और भतीजे बिलाल पुत्र शरीफ खां को न्यायालय ने आरोप साबित न होने पर बरी किया था।

    5- 31 जनवरी 2024 काे एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने डूंगरपुर प्रकरण के एक मामले में फैसला सुनाया था। इसमें आजम खां के अलावा सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अजहर खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र चौहान समेत अन्य सपाई आरोपित थे। इसमें आरोप था कि डूंगरपुर में आसरा आवास बनाने के नाम पर गरीब लोगों के घरों को जबरन खाली कराया गया था। लूटपाट की गई थी। उनके घरों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया था इस मामले में न्यायालय ने सभी को बरी कर दिया है।

    6- 18 मार्च 2024 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने डूंगरपुर प्रकरण के एक मामले में आजम खां को सात साल की सजा सुनाई थी। इसी मामले में उनके करीबी रहे पूर्व सीओ सिटी (अब सेवानिवृत्त) आले हसन खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां और बरेली के ठेकेदार बरकत अली को पांच-पांच साल कारावास की सजा सुनाई थी।

    7- 21 मार्च 2024 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने डूंगरपुर प्रकरण के एक अन्य मामले में आजम के अलावा सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां, सपा के प्रदेश सचिव ओमेंद्र चौहान, दारोगा फिरोज खां आदि को बरी किया था।