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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रामपुर में आजम खां के बनवाए उर्दू गेट पर चला प्रशासन का बुलडोजर

By Nawal MishraEdited By:
Published: Wed, 06 Mar 2019 12:12 PM (IST)Updated: Wed, 06 Mar 2019 12:13 PM (IST)

सपा सरकार में नगर विकास मंत्री रहे आजम खान के उर्दू गेट पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया।

रामपुर में आजम खां के बनवाए उर्दू गेट पर चला प्रशासन का बुलडोजर
रामपुर में आजम खां के बनवाए उर्दू गेट पर चला प्रशासन का बुलडोजर

रामपुर, जेएनएन। सपा सरकार में नगर विकास मंत्री रहे आजम खान के उर्दू गेट पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया। बुधवार दिन निकलते ही भारी पुलिस फोर्स के साथ छह बुलडोजरों ने तीन घंटे में गेट ध्वस्त कर दिया गया। स्वार रोड पर आजम खान ने सपा शासनकाल में यह गेट बनवाया था। इस गेट की ऊंचाई बहुत कम थी। इस कारण ट्रक और बस भी यहां से नहीं निकल पाते थे। सपा सरकार में स्थानीय कद्दावर नेता होने के चलते किसी ने शिकायत नहीं की। भाजपा सरकार के आने के बाद स्वार क्षेत्र के लोगों ने कई बार शिकायत की। शासन ने एसआइटी जांच भी कराई। जांच में गेट को अवैध माना गया।

किसी विभाग से अनुमति नहीं होने का जिक्र

शहरी क्षेत्र में होने के बावजूद रामपुर विकास प्राधिकरण से भी स्वीकृति नहीं ली गई। गेट का निर्माण आजम खान की विधायक निधि और सी एंड डीएस के सेंटेज से कराया गया था। इस मामले में जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने भी शिकायत का संज्ञान लिया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। कमेटी ने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।समिति की जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि कम ऊंचाई होने की वजह से वाहन नहीं निकल पाते हैं। स्वार रोड पीडब्ल्यूडी की है, लेकिन इस गेट बनवाने के लिए विभाग ने भी अनुमति जारी नहीं की। जांच में गेट को नियम विरुद्ध बताया गया।

तीन घंटे में धराशायी हो गया गेट

बुधवार सुबह भारी पुलिस फोर्स प्रशासनिक और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ गेट पर पहुंची। तोडऩे के लिए छह बुलडोजर लगा दिए। करीब तीन घंटे में गेट पूरी तरह ध्वस्त हो गया। करीब दो घंटे में मलवा भी साफ कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान उर्दू गेट की तरफ आने वाले तमाम रास्तों पर आधा किलोमीटर पहले ही पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई और किसी को भी आने जाने नहीं दिया गया। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह का कहना है कि गेट नियम विरुद्ध बना था। इसलिए तोड़ दिया गया। इसका निर्माण कराने वाले अधिकारियों से वसूली की जाएगी। गेट का निर्माण कराने वाले पूर्व मंत्री आजम खां का कहना है कि इस रोड से खनन के ओवरलोड ट्रक गुजरते थे। इसी वजह से सड़कें भी खराब होती थी और हादसे होते रहते थे। हमने हादसे रोकने के लिए ही गेट का निर्माण कराया था।