रायबरेली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान खुलने में अब महज चंद दिनों का इंतजार शेष है। एचएससीसी 15 फरवरी तक सौ बेड और दूसरे आवश्यक उपकरण उपलब्ध करा देगा। पहले इतने बेडों से ही ट्रायल शुरू किया जाएगा। मार्च में छह सौ बेडों पर इलाज शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए एम्स प्रबंधन जोर शोर से तैयारियों में जुटा है।

शुक्रवार को व्हाइट कोट सेरेमनी के बाद एम्स दिल्ली में गैस्ट्रो मेडिसिन के एचओडी डॉ. प्रमोद गर्ग ने रायबरेली एम्स के डाइरेक्टर प्रोफेसर अरविद राजवंशी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ल के साथ अस्पताल खोलने को लेकर अहम बैठक की। बेड और उपकरणों के बाबत हॉस्पिटल सर्विसेज कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (एचएससीसी) से वार्ता की गई। 15 फरवरी तक 100 बेड उपलब्ध कराने की बात उनके द्वारा कही गई है। अस्पताल में डॉक्टर और चिकित्सीय स्टाफ की नियुक्तियां पहले से चल रही हैं। फरवरी में ही यहां पर अंत: रोग विभाग खोलकर मरीजों को भर्ती करके इलाज करने का प्रयास तेज कर दिया गया है। हॉस्पिटल की बिल्डिग भी लगभग बनकर तैयार हो चुकी है। इंतजार है तो सिर्फ अस्पताल के शुरू होने का। मार्च में पूरा हो जाएगा सपना

14 साल बाद रायबरेली में एम्स का सपना पूरा होने जा रहा है। वर्ष 2007 में रायबरेली में एम्स खोलने की घोषणा हुई। 2009 में इसकी मंजूरी मिली। वर्ष 2012 में प्रदेश सरकार ने जमीन उपलब्ध कराई और वर्ष 2013 में भूमि पूजन हुआ। पहले फेज में 169 करोड़ से आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया। दूसरे फेज में हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। इन भवनों के निर्माण और उपकरणों की खरीद के लिए 654 करोड़ दो साल पहले ही अवमुक्त किए जा चुके हैं। वर्जन,

फरवरी 2021 में एम्स में 100 बेड का अस्पताल खोला जाएगा। मार्च में यहां फुल फ्लैश चिकित्सीय सेवाएं शुरू हो जाएंगी। छह सौ बेड होंगे और विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का इलाज करेंगे। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।

समीर शुक्ल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एम्स

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