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    Raebareli News: 56 दिन बाद कब्र से निकाला गया अधेड़ का शव, मौत की वजह का नहीं हुआ था खुलासा; पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

    Updated: Thu, 15 Feb 2024 07:12 PM (IST)

    Raebareli Newsरायबरेली निवासी व्यक्ति की दिल्ली में 20 दिसंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सुष्मिता देवी का कहना है कि पति रामशंकर शर्मा दिल्ली स्थित एक कंपनी में लगभग तीन वर्ष से काम कर रहे थे। वह कंपनी में ही रहते थे व बेटा योगेश बाहर किराए पर कमरा लेकर रहता था। महिला ने बताया कि दिसंबर में वह भी पति के पास गई थी।

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    56 दिन बाद कब्र से निकाला गया अधेड़ का शव

    संवाद सूत्र, नसीराबाद।  UP Crime News: एक गांव निवासी व्यक्ति की दिल्ली में 20 दिसंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसके शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार कराया गया था। मृतक की पत्नी ने पति की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए स्थानीय अधिकारियों समेत मंत्री से शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजिस्ट्रेट के आदेश पर गुरुवार (15 फरवरी) को अधेड़ के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

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    दिल्ली में तीन साल से काम कर रहा था रामशंकर

    गांव की सुष्मिता देवी का कहना है कि पति रामशंकर शर्मा दिल्ली स्थित एक कंपनी में लगभग तीन वर्ष से काम कर रहे थे। वह कंपनी में ही रहते थे व बेटा योगेश बाहर किराए पर कमरा लेकर रहता था। महिला ने बताया कि दिसंबर में वह भी पति के पास गई थी। 20 दिसंबर को पति उसे बस पर बैठाकर वापस चले गए थे। उस समय उनकी तबीयत बिलकुल ठीक थी।

    कंपनी के सुपरवाइजर ने बेटे से कराए दस्तखत

    आरोप लगाया कि रात करीब दो बजे बेटे योगेश को कंपनी के मैनेजर उमाकांत का फोन आया कि आपके पिता की तबीयत बहुत खराब है, संजय गांधी हास्पिटल आ जाइए। वहां पहुंचने पर दीनदयाल अस्पताल, फिर पीरा गढ़ी पुष्पांजलि हास्पिटल बुलाया गया। जहां पहुंचने पर कंपनी के सुपरवाइजर व पति के साथ काम करने वाले रिंकू ने बेटे से किसी कागज पर दस्तखत करा लिए।

    महिला का कहना है कि उसके पति ने पूर्व में फोन पर बताया था कि सहकर्मी उनके साथ अक्सर लड़ाई झगड़ा करते रहते थे।

    शव के पीएम के लिए लगाई गुहार

    सुष्मिता के अनुसार, रामशंकर का शव घर पहुंचने के बाद जब खोलकर देखा गया तो मुंह से खून निकला हुआ था और गले पर निशान बने हुए थे। इसे लेकर उसने स्थानीय पुलिस समेत जनप्रतिनिधियों को शिकायती पत्र भी दिया और शव के पीएम कराए जाने की गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई।

    थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना दिसंबर में दिल्ली में हुई थी। मजिस्ट्रेट के आदेश पर गुरुवार (15 फरवरी) को शव को कब्र से निकलवाकर पीएम के लिए भेजा गया है।

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