रायबरेली में दो साल में पूरा नहीं हो सका विद्यालय का निर्माण, पंचायत भवन में पढ़ रहे बच्चे
रायबरेली में एक विद्यालय का निर्माण दो साल से अधूरा है, जिससे बच्चे पंचायत भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। निर्माण कार्य पूरा न होने से छात्रों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विद्यालय जल्द बनेगा और उन्हें बेहतर शिक्षा मिलेगी।

दो साल में पूरा नहीं हो सका विद्यालय का निर्माण।
संवादसूत्र, जगतपुर (रायबरेली)। उच्च प्राथमिक विद्यालय जिंगना के नए भवन का निर्माण अधूरा होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चे पंचायत भवन में बैठकर पढ़ाई तो कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त जगह न होने से दिक्कतें हो रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भेजकर विद्यालय भवन का अधूरा निर्माण पूर्ण कराने की मांग की गई है।
रायबरेली प्रयागराज मार्ग पर जिंगना गांव के पास शिक्षा विभाग की ओर से उच्च प्राथमिक विद्यालय बना था। बाईपास सड़क के निर्माण के समय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विद्यालय भवन को ध्वस्त किया गया था। उसके बाद से ग्राम प्रधान की सहमति से पंचायत भवन में विद्यालय का संचालन शुरू किया गया था।
एनएचएआई की ओर से 28 लाख की लागत से नए विद्यालय के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। ग्राम प्रधान ने गांव में ही विद्यालय भवन निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन कराया था। इसके बाद निर्माण शुरू किया गया था।
ग्रामीण राजू, श्यामलाल, रुद्र प्रताप, विजय, अमित, सुनील, अजय का आरोप है कि ठेकेदार ने मानक को दरकिनार कर निर्माण कराया गया। विद्यालय भवन में दरार आ गई। बच्चों के बैठने से पहले ही कमरों की फर्श टूट गई, चारदीवारी टूटी पड़ी है।
ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार पटेल ने बताया कि पंचायत भवन में बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है। विद्यालय भवन का निर्माण अधूरा पड़ा है। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के डायरेक्टर को शिकायती पत्र भेजकर विद्यालय का निर्माण पूरा कराने की मांग की गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद सिंह का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई में परेशानी आ रही है, करीब दो साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से भवन को गिराया गया था। छह माह बाद बनाने का आश्वासन दिया गया था, अभी तक निर्माण अधूरा पड़ा है। उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।