Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    रायबरेली जिला अस्पताल में जहरीली गैस का रिसाव-मची भगदड़, दूसरे वार्डों में श‍िफ्ट क‍िए गए मरीज

    By Dileep Maan SinghEdited By: Anurag Gupta
    Updated: Fri, 14 Oct 2022 04:57 PM (IST)

    रायबरेली जिला अस्पताल में जहरीली गैस का रिसाव के बाद स्वास्थ्य कर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। अचानक गैस रिसाव से वहां मौजूद लोगों के चेहरे गले व आंखों में जलन होने लगी। रोगियों को निकालने में थोड़ी भी देर होती तो बड़ी घटना घटित हो सकती थी।

    Hero Image
    रायबरेली जिला अस्पताल में दो घंटे तक मची रही अफरा-तफरी।

    रायबरेली, जागरण संवाददाता। जिला अस्पताल में जहरीली गैस रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। अचानक मरीजों के दम घुटने के साथ नाक, गले और आंखों में जलन होने लगी। मरीज, तीमारदार हो या फिर पैरामेडिकल स्टाफ हर कोई बचाव के लिए इधर-उधर भागने लगे। चिकित्सा कर्मियों ने आनन-फानन में मरीजों को किसी तरह बाहर निकाला। जिलाधिकारी सहित सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    तीमारदारों में मची भगदड़ 

    अपराह्न करीब 2:30 बजे जिला अस्पताल में हड्डी वार्ड व बर्न वार्ड के आसपास दम घुटने वाली गैस का रिसाव होने लगा। पहले तो मरीज और तीमारदार कुछ समझ ही नहीं पाए, लेकिन जब आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो हर कोई परेशान हो गया। सूचना पर डा. अल्ताफ हुसैन मौके पर पहुंच गए। हालात को बिगड़ता देख वार्डों में भर्ती मरीजों को बाहर निकलवाना शुरू कर दिया। जहरीली गैस रिसाव की खबर जैसे ही वार्डों में मरीजों और तीमारदारों को लगी तो जो जहां जैसे था वैसे ही भागने लगे।

    ज‍िलाध‍िकारी मौके पर पहुंचे 

    मौके पर जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी, सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा, सीओ सिटी वंदना सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र कुमार चौबे, सीएमओ डा. वीरेंद्र सिंह, एसीएमओ डा. अंशुमान सिंह भी मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक गैस रिसाव की जगह तलाशते रहे, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। फिलहाल पूरी टीम गैस की प्रकृति व नाम के साथ साथ स्रोत की भी पड़ताल कर रही है

    कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

    स्वास्थ्य कर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। बर्न वार्ड और हड्डी वार्ड के साथ ही ऊपर बच्चों का वार्ड भी है। ऐसे में करीब 40 से 50 मरीज भर्ती होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अचानक गैस रिसाव और जिस तरह चेहरे, गले व आंखों में जलन होने लगी, इससे साफ पता चला रहा है कि यदि रोगियों को निकालने में थोड़ी भी देर हो जाती तो बड़ी घटना घटित हो सकती थी।

    कौन सी गैस और रिसाव कैसे हुआ है अभी इसका पता लगाया जा रहा है। नाक, गले और आंखों में जलन के लक्षण से यह फार्मेलिन गैस की आशंका है। इसका प्रयोग आपरेशन थियेटर में कीटाणु मारने के लिए प्रयोग किया जाता है। जांच के बाद ही सही पता चल सकेगा।   - डा. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ

    सबसे पहले मरीजा को शिफ्ट करा दिया गया है। उनसे बात भी किया गया। सभी सुरक्षित है। गैस रिसाव वाले क्षेत्र को चिन्हित करके डिफ्यूज कराया जा रहा है। प्रभावित मरीजों की संख्या करीब 25 है। गैस कौन सी है इसका पता लगाया जा रहा है।    - माला श्रीवास्तव, जिलाधिकारी