यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जीता जनता का भरोसा, तीसरी बार बने देवेंद्र विधायक
रायबरेली सरेनी विधानसभा से सपा प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप सिंह को जीत मिली है। क्षेत्र की जनता ने

रायबरेली : सरेनी विधानसभा से सपा प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप सिंह को जीत मिली है। क्षेत्र की जनता ने तीसरी बार उन पर भरोसा जताया। उनकी जीत पर सुबह से उनके आवास पर लोगों को बधाई देने का तांता लगा रहा। आमोखास सभी को गले लगाया और कहा कि, गांव-गांव विकास कराना ही हमारा लक्ष्य है।
देवेंद्र प्रताप सिंह ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख और एमएलसी रह चुके हैं। सपा से वर्ष 2002 में पहली बार विधायक बने। तब उन्हें 32837 मत मिले थे। उनके प्रतिद्वंदी रहे कांग्रेस के अशोक सिंह को 26593 मत प्राप्त हुए थे। वर्ष 2007 के चुनाव में देवेंद्र प्रताप सिंह को हार का सामना करना पड़ा और वह 29993 मत पाकर तीसरे स्थान पर थे। दूसरे नंबर पर बसपा के प्रत्याशी उमाशंकर रहे। वर्ष 2012 में एक बार फिर से देवेंद्र प्रताप सिंह विधायक बने। इस बार उन्हें रिकार्ड 61666 मत मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर बसपा ही थी। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा की लहर चली तो देवेंद्र प्रताप सिंह चौथे स्थान पर चले गए थे और उन्हें महज 32792 मत ही प्राप्त हो सके थे। देवेंद्र प्रताप सिंह का लगातार तीन बार से लालगंज ब्लाक प्रमुख पद पर कब्जा है। पहले उनकी पत्नी कृष्णा सिंह फिर छोटे भाई अनंतेश सिंह और इस बार बहू शिवानी सिंह ब्लाक प्रमुख हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके पक्ष में लालगंज में जनसभा की थी। 2002 में पहली बार सपा से बने थे विधायक, रह चुके एमएलसी और ब्लाक प्रमुख। बधाई देने वालों का लगा रहा तांता, कहा, गांव-गांव विकास कराना हमारा लक्ष्य।
