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    प्रियंका वाड्रा की अगुवाई में आज लगेगी प्रशिक्षण कार्यशाला, कार्यकर्ता सीखेंगे संवाद के तौर-तरीके Raebareli News

    By Divyansh RastogiEdited By:
    Updated: Wed, 23 Oct 2019 04:01 PM (IST)

    रायबरेली मंगलवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंचने से पहले जगह-जगह प्रियंका का स्वागत किया गया। रायबरेली की सीमा पर चुरुवा में उन्होंने हनुमान जी के दर्शन किए।

    प्रियंका वाड्रा की अगुवाई में आज लगेगी प्रशिक्षण कार्यशाला, कार्यकर्ता सीखेंगे संवाद के तौर-तरीके Raebareli News

    रायबरेली, जेएनएन। प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद पार्टी को तेवरदार बनाने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा रायबरेली दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन यानी बुधवार को प्रियंका वाड्रा की अगुवाई में भुएमऊ गेस्ट हाउस में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हो रही है। वहीं, सदर से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह के चचेरे भाई मनीष सिंह लावलश्कर लेकर भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा उन्हें पार्टी में शामिल करने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेठी के नए जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल की ताजपोशी में  शामिल हो सकती हैं।  

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    प्रशिक्षण छह सत्रों में पूर्ण होगा। प्रतिदिन दो सत्र होने हैं। जरूरी हुआ तो एक दिन में तीन करके इसे दो दिन में ही मुकम्मल किया जा सकता है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय झा दोनों सत्रों में मौजूद रहेंगे। वे संवाद के तौर तरीके सिखाएंगे और बताएंगे। जबकि ट्रेनिंग सेल के सचिन राव इस पूरे कार्यशाला सत्र की संरचना बनाने के साथ पूर्ण होने तक व्यवस्था देखते रहेंगे।

    कौन है मनीष सिंह?

    बता दें, मनीष सिंह पूर्व सांसद स्व. अशोक सिंह के बेटे हैं।  पूर्व विधायक अखिलेश सिंह के भतीजे और मौजूदा सदर विधायक अदिति सिंह के चचेरे भाई भी हैं। दो बार हरचंदपुर से विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, जीत हासिल नहीं कर सके। पहले पीस पार्टी फिर बसपा से जुड़े। अब वो कांग्रेस के जरिये राजनीति भविष्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

    मंगलवार को जिले पहुंची प्रियंका वाड्रा, हुआ भव्य स्वागत 

    मंगलवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंचने से पहले जगह-जगह प्रियंका का स्वागत किया गया। रायबरेली की सीमा पर चुरुवा में उन्होंने हनुमान जी को शीष नवाया। करीब 2.30 बजे प्रियंका बछरावां पहुंचीं। उसके पूर्व उन्होंने टोल प्लाजा के पास स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रियंका का स्वागत हरचंदपुर, कठवारा, गोरा बाजार, जगदीशपुर आदि जगहों पर भी हुआ। वे जब गेस्ट हाउस पहुंची तो कार्यशाला में सरगर्मी बढ़ी। पार्टी के जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी व अन्य लोग परिसर से बाहर निकल आए। पंकज ने मीडिया से बताया कि प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली से पदाधिकारी आए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा झूठे वादे और झूठी बयानबाजी करके लोगों को जिस तरह गुमराह कर रही है। उसका तार्किक तरीके से जवाब दिया जाएगा। छोटी-छोटी बातों में पाकिस्तान को तबाह कर देने की बात कहकर माहौल बनाने वाली बीजेपी के जन विरोधी कार्यों की मुखालफत करने के तौर तरीके भी कार्यशाला में सिखाए जाएंगे।

    सत्ता है काम करें, बहानेबाजी नहीं:  प्रियंका

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने बढ़ते अपराधिक मामलों पर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। कहा कि भाजपा के पास सत्ता है, काम करें, बहानेबाजी नहीं। लखनऊ से रायबरेली आते वक्त प्रियंका हरचंदपुर के कठवारा में रुकीं। वहां मीडिया से रूबरू हुईं और केंद्र व खासकर योगी सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलीं। कहा कि प्रदेश में महिलाओं पर अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। योगी सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और सड़क भी केंद्र व प्रदेश सरकार मुहैया नही करा पा रही है। यह उनकी नाकामी को दर्शाता है। सबकुछ उनके हाथ में हैं मगर, काम नहीं सिर्फ बहानेबाजी की जा रही है। देश में आर्थिक मंदी जैसे हालात हो गए हैं, सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए। प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

    जनविरोधी कार्यों के विरोध करने के तौर तरीके समझाए-पढ़ाए

    तीन दिन, छह सत्रों वाले शिविर में पहले दिन संगठन की रीति-नीति के साथ सरकार के जनविरोधी कार्यों के विरोध करने के तौर तरीके समझाए-पढ़ाए गए। हालांकि, पार्टी ने इस कार्यशाला को अत्यंत गोपनीय बनाए रखा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 45 सदस्यों के अलावा स्थानीय व जिला स्तरीय कोई भी नेता, पदाधिकारी प्रशिक्षण में शामिल नहीं किया गया। शहर से करीब छह किलोमीटर दूर भुएमऊ गेस्ट हाउस में सुबह से ही पार्टी के नेताओं का आगमन शुरू हो गया था। प्रशिक्षण के लिए सूचीबद्ध किए गए 45 नेता-पदाधिकारी अपने कपड़े लत्ते वाले बैग और अटैची लेकर पहुंचे। इन्हें कार्यशाला के दौरान परिसर में रहने की व्यवस्था की गई है। 

    मोबाइल बाहर, नेता अंदर

    कार्यशाला के लिए चयनित नेताओं-कार्यकर्ताओं को शिविर में बिना मोबाइल के ही बैठना पड़ा। कोई फोटो, कोई सूचना लीक न होने पाए, इसका खास ध्यान रखा गया। यहां तक की स्थानीय नेताओं को हर छोटी-मोटी चीजों से भी मुखातिब नहीं होने दिया गया।

    तीन दिन, छह सत्र 

    यूं तो प्रशिक्षण शिविर में तीन दिवसीय शुरुआत से ही कहा जा रहा है, लेकिन प्रियंका वाड्रा के बारे में जानकारी मिली है कि वे बुधवार शाम तक ही इसमें शिरकत करेंगी।