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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UPPSC PCS 2025: एग्जाम सेंटर को लेकर आया बड़ा अपडेट, अभ्यर्थी नोट कर लें ये प्वाइंट वरना हो सकती है परेशानी

Published: Thu, 02 Oct 2025 06:30 AM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2025 (प्रारंभिक) परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी हो गए हैं। परीक्षा 12 अक्टूबर को ...और पढ़ें

मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर तक बनाए गए पीसीएस-2025 की परीक्षा के केंद्र
मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर तक बनाए गए पीसीएस-2025 की परीक्षा के केंद्र

HighLights

  1. पुरुष अभ्यर्थियों के लिए मंडल व महिला अभ्यर्थियों के केंद्र जिले के बाहर
  2. 12 अक्टूबर को 6.26 लाख अभ्यर्थी देंगे लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2025 (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी हो चुके हैं। परीक्षा 12 अक्टूबर को प्रदेश के 75 जनपदों के 1,435 केंद्रों पर होगी। 

परीक्षा केंद्र मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर तक बनाए गए हैं, जबकि शहर के कई बड़े महाविद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया है, इससे परीक्षार्थियों को परेशानी खड़ी हो सकती है। 

आयोग ने केंद्र निर्धारण में उत्तर प्रदेश परीक्षा अध्यादेश-2024 के अनुपालन में अभ्यर्थियों को गृह मंडल और जनपद से बाहर परीक्षा केंद्र आवंटित किए हैं। पुरुष अभ्यर्थियों को गैर मंडल और महिला अभ्यर्थियों को गैर जनपद में परीक्षा केंद्र आवंटित हुए हैं। 

ऐसे में अन्य मंडल या जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ेगी। 6.26 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 50 हजार अधिक है। पीसीएस-2024 में 5.76 लाख परीक्षार्थियों के लिए 1,331 केंद्र बने थे। 

इस बार 100 नए परीक्षा केंद्र जोड़े गए हैं। जिलों में मुख्यालय से अधिकतम 20 किलोमीटर दूर तक केंद्र बनाए गए हैं। इससे दूसरे मंडलों से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में परेशानी उठानी होगी। 

परीक्षा के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिए आयोग ने आधुनिक तकनीकी प्रबंध किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर एआइ आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। 

इसके अलावा अभ्यर्थियों की उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली (आइरिश स्कैनिंग) का प्रयोग होगा। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल डबल लाक सिस्टम लागू किया गया है।