विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, प्रयागराज से भी मांगा डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रयागराज सहित सभी जिलों से डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ...और पढ़ें

विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई है।
HighLights
डीईओ को 25 नवंबर तक का मिला समय
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी किया आदेश
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल जल्द ही बजने के आसार हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी जनपदों में डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान (डीईएमपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें प्रयागराज भी शामिल है। जिलों में इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
क्या है डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान?
किसी भी चुनाव के पहले जनपद स्तर पर एक डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान बनता है। इसमें जिले से लेकर बूथ तक का पूरा खाका खींचा जाता है। हर बूथ का नक्शा बनता है। उनके आसपास के संभ्रांत लोगों के नंबर जुटाए जाते हैं। बूथों पर उपलब्ध सुविधाओं से लेकर महिला और पुरुष मतदाताओं तक का ब्योरा शामिल किया जाता है।
यह प्लान भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाता है
इसी तरह के तमाम बिंदुओं को समेटते हुए डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान तैयार होता है। प्रदेश स्तर से यह प्लान भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाता है। इसके बाद ही चुनाव की तारीखें घोषित होती हैं।
पहले से ही सभी जिलों में यह प्लान तैयार कर लिया जाए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रयागराज सहित प्रदेश के सभी जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जब डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान मांग की जाती है तो समय काफी कम मिलता है। इसलिए, पहले से ही सभी जिलों में यह प्लान तैयार कर लिया जाए। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को 25 नवंबर तक डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। प्रयागराज में भी इस प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया गया है।
पांच लाख मतदाताओं को पहचान का इंतजार
विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के बाद जनपद में करीब 38 लाख मतदाता बचे थे। इनमें से करीब पांच लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक मतदाता पहचान पत्र नहीं मिला। जबकि, एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची जारी हुए करीब सात महीने बीत चुके हैं। शासन स्तर से मतदाता पहचान पत्र बनाने की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश की एक फर्म को दी गई है। मतदाता सूची जारी होने के बाद ही इनके आवेदन भेज दिए गए थे, लेकिन अब तक पहचान पत्र जारी नहीं किए गए।
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