Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    महाठग अनूप को बी वारंट पर प्रयागराज लाएगी पुलिस, ढाई सौ करोड़ बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर हड़पे थे 6 करोड़

    महाठग अनूप चौधरी ने नैनी के रहने वाले कारोबारी को ढाई सौ करोड़ रुपये बैंक लोन दिलाने के नाम पर छह करोड़ रुपये की चपत लगाया था। रुपये वापस मांगने पर कारोबारी के घर में घुसकर धमकी भी दी थी। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद आरोपित अनूप चौधरी और उसके साथियों की तलाश में पुलिस लखनऊ अयोध्या के बाद चेन्नई भी गई थी लेकिन वह मिला नहीं।

    By Jagran NewsEdited By: Pragati ChandUpdated: Fri, 27 Oct 2023 12:46 PM (IST)
    Hero Image
    महाठग अनूप को बी वारंट पर प्रयागराज लाएगी पुलिस। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एसटीएफ द्वारा अयोध्या में गिरफ्तार महाठग अनूप चौधरी ने नैनी में रहने वाले कारोबारी विपिन मिश्रा को ढाई सौ करोड़ रुपये बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर छह करोड़ रुपये हड़प लिए थे। पैसे वापस मांगने पर नैनी में घर आकर धमकाया। अब नैनी पुलिस गिरफ्तार महाठग को बी वारंट पर प्रयागराज लाकर कोर्ट में पेश करेगी। उसे कस्टडी रिमांड पर भी लिया जाएगा।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    यह है पूरा मामला

    नैनी में पीडीए कालोनी निवासी विपिन मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह देश भर में निर्माण के ठेके लेते हैं। उन्हें कर्ज की जरूरत थी। पुराना परिचित जयेंद्र कर्ज दिलाने का भरोसा देकर उन्हें वर्ष 2021 में दिल्ली में जतिन व्यास व सुरेश थोराट के पास ले गया। उन दोनों ने अनूप चौधरी से मिलाकर कहा कि वह बैंक से ढाई सौ करोड़ रुपये कर्ज दिला देंगे। उन दोनों ने अनूप चौधरी को बड़ा राजनेता तथा सरकार में ऊंची पहुंच वाला बताया। जालसाज अनूप ने जल्द कर्ज दिलाने के लिए विपिन से छह करोड़ रुपये ले लिए। पैसे लेने के बाद अनूप और उसके करीबी टालमटोल करने लगे।

    विपिन के मुताबिक, उन्होंने रकम वापसी का दबाव बनाया तो 12 जुलाई को अनूप चौधरी नैनी में उनके घर आया। उसने गाली देते हुए कहा कि पैसा वापस नहीं होगा बल्कि तुझे जान से मरवा दूंगा। इसके बाद विपिन को पीटकर अनूप और उसके साथी गाड़ी में बैठकर भाग गए। विपिन ने लखनऊ व नोएडा में अनूप चौधरी के बारे में पूछा तो उसके कारनामों का पता चला। नौ अगस्त को नैनी थाने में अनूप चौधरी, जयेंद्र सिंह, सुरेश थोराट, जतिन व्यास, संतोष कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी का केस लिखकर पुलिस ने तलाश शुरू की।

    यह भी पढ़ें, अतीक के गुर्गों ने फिर शुरू किया आतंक, घोड़े पर सवार बदमाशों ने दागी गोली; किसान के मुंह में पिस्टल डाल धमकाया

    चेन्नई भी गई थी पुलिस

    अनूप चौधरी और उसके साथियों की तलाश में पुलिस लखनऊ, अयोध्या के बाद चेन्नई भी गई थी, लेकिन वह मिला नहीं। इस बीच अनूप ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी जिसके बाद कार्रवाई पर रोक लगी थी। नैनी थाने में अपराध निरीक्षक साजिद अली ने बताया कि अब गिरफ्तारी के बाद अदालत से बी वारंट लेकर अनूप को प्रयागराज लाने की कोशिश की। जेल में पूछताछ के अलावा नकदी बरामदगी के लिए उसे कस्टडी रिमांड पर भी लिया जाएगा।

    अनूप के गनर को लेकर गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट तलब

    अयोध्या से पकड़े गए रेलवे बोर्ड के फर्जी सदस्य अनूप चौधरी को गनर उपलब्ध कराए जाने के मामले में डीजीपी विजय कुमार ने गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। डीजीपी मुख्यालय से अनूप चौधरी के बारे में अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर से अयोध्या समेत अन्य प्रमुख स्थलों पर प्रोटोकाल दिए जाने में पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। प्रोटोकाल देने से पूर्व जांच प्रक्रिया को और सख्त बनाने पर भी विचार होगा।

    एसटीएफ ने अयोध्या से जालसाज अनूप को पकड़ा था। वह क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) का अशासकीय सदस्य है, जबकि वह खुद को रेलवे बोर्ड का सदस्य होने का दावा करता था। उसे प्रोटोकाल प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं था। अनूप की गिरफ्तारी पर उत्तराखंड पुलिस ने 15 हजार रुपये का पुरस्कार भी घोषित कर रखा था।

    पूछताछ में सामने आया था कि गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने जालसाज अनूप चौधरी को बीते तीन वर्ष में कई बार गनर उपलब्ध कराया था। अनूप ने फर्जी लेटरहेड का उपयोग कर गनर हासिल किया था। डीजीपी ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अनूप को गनर उपलब्ध कराने में जिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका रही है, उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।