विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

QR कोड स्कैन कीजिए और 50 हजार इनाम पाइए... UP पुलिस की ऑनलाइन ठगी से लोगों को बचाने का अनोखा तरीका

By Rajendra Yadav Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 13 Oct 2026 06:27 PM (IST)

उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से लोगों को बचाने के लिए 'साइबर सुरक्षा, सुरक्षित समाज' नामक एक विशेष कॉमिक्स तैयार की है। इससे साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाएगी।

UP पुलिस ने साइबर ठगी व अपराध से लोगों को बचाने की नई मुहिम चलाई है।

UP पुलिस ने साइबर ठगी व अपराध से लोगों को बचाने की नई मुहिम चलाई है।

HighLights

  1. साइबर अपराध से लोगों को बचाने के लिए पुलिस वितरित करेगी मैग्जीन

  2. मैग्जीन में शोले फिल्म के किरदारों व डॉयलोग का प्रयोग किया गया है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उप्र पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से लोगों को बचाने के लिए अनोखा प्रयोग किया है। ‘साइबर सुरक्षा, सुरक्षित समाज'' नाम से विशेष कॉमिक्स (मैग्जीन) तैयार की है। इसमें 1975 की ब्लाकबस्टर फिल्म ‘शोले'' के किरदारों व मशहूर संवादों (डॉयलाग) का उपयोग किया गया है।

गब्बर- कितने आदमी थे, साइबर ठग- कितने क्यूआर थे?

मैग्जीन के पहले अध्याय में फिल्म शोले का प्रसिद्ध डायलाग गब्बर बोलता है कितने आदमी थे और मैग्जीन में साइबर ठग बोलता है कितने क्यूआर थे?। पहले अध्याय में फिशिंग जाल की कहानी है। इसमें गब्बर का फिशिंग जाल में दिखाया गया है कि कैसे गब्बर के भेष में ठग, सामने वाले व्यक्ति को 50 हजार रुपये के इनाम का लालच देकर क्यूआर कोड स्कैन करवाता है और वह व्यक्ति अपने 25 हजार रुपये गवां बैठता है।

अलादीन और जादुई कार्ड का जाल भी

इसके बाद जय और वीरू आकर उस व्यक्ति को इस डिजिटल ठगी के बारे में बारीकी से समझाते हैं। मैग्जीन के अन्य प्रमुख अध्याय में शोले के अलावा इसमें कई अन्य रोचक कहानियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया गया है। जैसे एपीके फाइल का फंदा, अलादीन और जादुई कार्ड का जाल, कछुए की डिजिटल भूल, साइबर ठग और लाटरी का मायाजाल। कामिक्स के हर अध्याय के अंत में साइबर ठगी से बचाव के टिप्स भी दिए गए हैं।

साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें कॉल 

इस मैग्जीन को सभी थानों की साइबर सेल और मिशन शक्ति की टीमों को भेजा जा रहा है, ताकि वे आम जनता और छात्र-छात्राओं को जागरूक कर सकें। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि ठगी के शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

यह भी पढ़ें- बिना झटके रुकेगी पूरी मालगाड़ी, सामान का नुकसान नहीं होगा; रेलवे ने ब्रेक सिस्टम में लागू किए नए नियम

यह भी पढ़ें- प्रयागराज में बदला मौसम, बादल छाने से हवा की गुणवत्ता बिगड़ी; AQI 110 पर पहुंचने से सांस के मरीजों को परेशानी