कहीं गुड्डू मुस्लिम व साबिर भी दूसरे राज्यों की जेल में तो बंद नहीं? पांच-पांच लाख रुपये का इनाम है घोषित
उमेश पाल हत्याकांड में शूटर अरमान बिहारी के गयाजी जेल में मिलने के बाद, अब पुलिस को शक है कि ...और पढ़ें

उमेश पाल हत्याकांड का आरोपित गुड्डू मुस्लिम। जागरण आर्काइव
HighLights
माफिया अतीक गैंग के सक्रिय सदस्यों में हैं गुड्डू मुस्लिम व साबिर सूचीबद्ध
प्रयागराज की पुलिस गोपनीय तरीके से कई राज्यों की पुलिस से संपर्क में है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के सुलेमसराय में अधिवक्ता उमेश पाल की हत्या मामले में आरोपित शूटर अरमान बिहारी के गयाजी जेल में बंद होने की जानकारी के बाद से पुलिस अफसरों की नींद उड़ चुकी है। पुलिस के सभी तंत्र को पांच लाख के इनामी अरमान बिहारी ने ऐसा फेल किया कि तीन वर्ष तक पुलिस उसे इधर-उधर खोजती रही और वह गयाजी जेल से आराम करता रहा।
ऐसे में अब यह संभावना प्रबल हो चली है कि कहीं मामले के आरोपित माफिया अतीक गैंग के सक्रिय सदस्य बमबाज गुड्डू मुस्लिम और साबिर भी तो किसी दूसरे राज्य की जेल में नहीं बंद हैं। प्रयागराज पुलिस ने गोपनीय तरीके से दिल्ली, मुंबई, गाेवा, पंजाब, हरियाणा, मप्र, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क भी शुरू कर दिया गया है।
शहर पश्चिमी के विधायक राजू पाल की हत्या के गवाह अधिवक्ता उमेश पाल की 24 फरवरी 2023 को दिनदहाड़े सुलेमसराय में गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें उमेश पाल के दो सरकारी गनर की भी जान चली गई थी। माफिया अतीक अहमद समेत कई नामजद हुए थे।
माफिया के बेटे असद समेत तीन को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि अरमान बिहारी, गुड्डू मुस्लिम, साबिर, माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, छोटे भाई माफिया अशरफ की पत्नी जैनब फात्मा, बहन नूरी हाथ नहीं लगे थे। अरमान बिहारी, गुड्डू मुस्लिम व साबिर पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
अरमान बिहारी गयाजी जेल में 27 फरवरी 2023 से बंद था। उसे यहां लाए जाने के बाद गुड्डू मुस्लिम और साबिर को पुलिस दूसरे राज्यों की जेल में पता लगा रही है। आशंका है कि उप्र पुलिस से बचने के लिए किसी दूसरे राज्य में कोई अपराध कर दोनों जेल चले गए हों, ताकि पुलिस को उनके बारे में पता न चल सके। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में पुलिस का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
दो दिन बिहार में रुकने के बाद किया था आत्मसमर्पण
उमेश पाल की हत्या के बाद अरमान बिहारी यहां से सीधे बिहार भाग निकला था, लेकिन वह अपने घर नहीं गया था। 25 और 26 फरवरी 2023 को वह बिहार में ही इधर-उधर रहा। 27 फरवरी को गया में फायरिंग के एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के बाद जेल चला गया था।
