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    Prayagraj News : वैष्णो देवी के लिए जम्मू मेल व मूरी एक्सप्रेस आज भी रद, हवाई किराए में चार गुना वृद्धि से यात्री मायूस

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 02:26 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कठुआ-माधबपुर रेल खंड पर पुल क्षतिग्रस्त होने से रेल सेवा बाधित हो गई है। प्रयागराज से जम्मूतवी जाने वाली कई ट्रेनें रद हो गई हैं जिससे वैष्णो देवी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। हवाई किराए में वृद्धि से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

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    जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से ट्रेन सेवाएं बाधित, वैष्णो देवी तीर्थयात्री यात्रा नहीं कर पा रहे हैं।

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ की प्राकृतिक आपदा ने रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कठुआ-माधबपुर रेल खंड पर एक महत्वपूर्ण पुल के क्षतिग्रस्त होने से रेल संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। शुक्रवार को भी रेलवे ने प्रयागराज के सूबेदारगंज से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा जाने वाली जम्मू मेल और संबलपुर-जम्मूतवी मूरी एक्सप्रेस को रद कर दी। इस आपदा के कारण पिछले चार दिनों में प्रयागराज से 3,000 से अधिक आरक्षित टिकट रद हो चुके हैं।

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    ट्रेनें रद होने के कारण न केवल वैष्णो देवी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की योजनाएं बाधित हुई हैं, बल्कि जम्मू में फंसे यात्रियों और उनके रिश्तेदारों के सामने भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हवाई किराए में चार गुना वृद्धि ने यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।

    सुलेम सराय के राम मिश्रा, जिन्होंने वैष्णो देवी दर्शन के लिए जम्मू मेल में टिकट बुक किया था, निराशा जताते हुए कहते हैं, मैंने दो महीने पहले टिकट बुक किया था। अब ट्रेन रद्द होने से मेरी पूरी योजना बिगड़ गई। रिफंड तो मिलेगा, लेकिन माता के दर्शन का सपना अधूरा रह गया। राम की तरह ही, नैनी निवासी शालिनी सिंह भी परेशान हैं। उनकी बहन, रीता सिंह, जम्मू में फंसी हुई हैं। शालिनी बताती हैं, रीता वैष्णो देवी दर्शन के बाद जम्मू मेल से लौटने वाली थी। अब वह जम्मू स्टेशन पर फंसी हैं। हवाई किराया 14,000 रुपये तक पहुंच गया है, जो हमारी पहुंच से बाहर है।

    इसी तरह, मुट्ठीगंज के व्यापारी अजय गुप्ता के भाई संजय गुप्ता जम्मू में फंसे हैं। अजय कहते हैं, मेरे भाई को जरूरी काम से लौटना था, लेकिन ट्रेन रद्द होने से वह तीन दिन से स्टेशन पर इंतजार कर रहे हैं। रेलवे की हेल्प डेस्क से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए जम्मू और कटड़ा में हेल्प डेस्क बनाए हैं, लेकिन भीड़ और अफरातफरी के कारण यात्रियों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पा रही है।

    कटरा निवासी रमेश कुमार, जो प्रयागराज में अपने रिश्तेदारों से मिलने आने वाले थे, बताते हैं, मेरी पत्नी और बच्चे मेरे साथ आने वाले थे। टिकट रद होने की सूचना मोबाइल पर मिली, लेकिन अब हमारी सारी योजना रद्द हो गई। जम्मू में हालात इतने खराब हैं कि बस या अन्य साधन भी उपलब्ध नहीं हैं। म्योराबाद की रीना तिवारी, जिनके पति अंकित तिवारी जम्मू में फंसे हैं, कहती हैं, अंकित को आफिस के काम से वापस आना था। अब वह वहां फंसे हैं और हमें हर पल चिंता हो रही है। रेलवे को जल्दी कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

    सिविल लाइंस की छात्रा प्रिया यादव, जिन्होंने अपने परिवार के साथ वैष्णो देवी यात्रा की योजना बनाई थी, कहती हैं, हमने महीनों पहले टिकट बुक किए थे। अब ट्रेन रद होने से हमारा सारा उत्साह ठंडा पड़ गया। रिफंड की प्रक्रिया भी इतनी जटिल है कि पैसे वापस मिलने में समय लगेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, और जल्द ही रेल संचालन बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

    इस बीच, जम्मू से दिल्ली का हवाई किराया 5,000-6,000 रुपये से बढ़कर 12,000-14,000 रुपये हो गया है, जिसने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रेलवे ने फंसे यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन चलाने की योजना बनाई है, लेकिन मौसम और क्षतिग्रस्त रेलमार्ग की स्थिति ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांच लें।[