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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तेज तर्रार IPS अजय पाल शर्मा को मिली नई जिम्मेदारी, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस अधिकारियों में होती है इनकी गिनती

Published: Wed, 25 Dec 2024 09:40 PM (IST)

तेज तर्रार आइपीएस डा. अजय पाल शर्मा को महाकुंभ का नोडल अधिकारी बनाया गया है। जौनपुर के कप्तान रहे अजय ...और पढ़ें

आइपीएस अजय पाल शर्मा - फाइल फोटो।
आइपीएस अजय पाल शर्मा - फाइल फोटो।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। तेज तर्रार आइपीएस डा. अजय पाल शर्मा को महाकुंभ का नोडल अधिकारी बनाया गया है। जौनपुर के कप्तान रहे अजय पाल को प्रयागराज कमिश्नरेट में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के पद पर तैनाती मिली है। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने उन्हें महाकुंभ मेला में नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी।

वह महाकुंभ मेलाधिकारी, एसएसपी महाकुंभ, रेलवे, पीडीए, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, सेतु निगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत, ट्रैफिक, लाजिस्टिक, अभिसूचना, जल पुलिस, पैरामिलिट्री, विभिन्न अखाड़ों और अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। डाक्टर अजय पाल शर्मा की गिनती एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस अधिकारियों में होती है। वह कई जिलों में बेहतरीन कप्तान रह चुके हैं और कुख्यात अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर कर चुके हैं।

क्या बोले आइपीएस अजय पाल शर्मा? 

दैनिक जागरण से बातचीत में आइपीएस अजय पाल शर्मा ने कहा कि विश्वप्रसिद्ध महाकुंभ को सुरक्षित और सकुशल संपन्न कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। दूसरे विभाग के अधिकारियों से समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों की सुरक्षा व सुविधा को सुनिश्चित कराने पर जोर रहेगा।

वीआइपी गेस्ट के प्रोटोकाल में रहेंगे एडीएम-एसडीएम रैंक के अफसर

प्रयागराज में होने जा रहे महाकुंभ मेला के दौरान देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के साथ ही बड़ी संख्या में वीआइपी मूवमेंट की संभावना है। इसको देखते हुए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने विशेष प्रबंध किए हैं। इन सभी महानुभावों को महाकुंभ मेला की सुखद अनुभूति प्राप्त कराने एवं उनके रुकने तथा अन्य प्रोटोकाल की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। मेले में आने वाले महानुभावों की प्रोटोकाल व्यवस्था के लिए शासन स्तर से तीन अपर जिलाधिकारी, तीन उप जिलाधिकारी, तीन नायब तहसीलदार एवं चार लेखपाल तैनात किए गए है।

इसके साथ ही, सभी 25 सेक्टरों मे डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप मे तैनात हैं, जो अपने अपने सेक्टर में प्रोटोकाल देखेंगे। विशिष्ट और अति विशिष्ट महानुभावों की प्रोटोकाल व्यवस्था के तहत महाकुंभ के दौरान 50 टूरिस्ट गाइड एवं अन्य सहायक स्टाफ की तैनाती की जा रही है। मेले में आने वाले महानुभावों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र में पांच स्थलों पर 250 टेंट की क्षमता के सर्किट हाउस की व्यवस्था की गई है।

मेले में आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट महानुभावों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देशन में पर्यटन विकास निगम द्वारा 110 काटेज की टेंट सिटी एवं सेवा प्रदाताओं के माध्यम से 2200 काटेज की टेंट सिटी विकसित की जा रही है, जिसकी बुकिंग प्रयागराज मेला प्राधिकरण की वेबसाइट के माध्यम से नेविगेट कर की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, स्नान के लिए घाट तैयार करने के अलावा नदी में जेटी एवं मोटर बोट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मेला क्षेत्र में केंद्र सरकार के कुल 15 विभागों द्वारा अपने कैंप निर्मित किए गए हैं, जिनमें विभागीय अधिकारियों के लिए उनके आगमन पर अवस्थान के लिए काटेज की व्यवस्था की गई है। इसी तरह, मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के 21 विभागों के अपने कैंप हैं, जिनमें विभागीय अधिकारियों के लिए काटेज की व्यवस्था है। जिला प्रशासन के अधीन उपलब्ध 21 अतिथि गृहों में कुल 314 कक्ष वीआइपी व वीवीआइपी के अवस्थान के लिए कक्षों की व्यवस्था की गई है।