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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shakti Dubey: बेटी की सक्सेस पर माता-पिता की आंखों में चमक, मां बोली- हमने उसको जब भी देखा… पढ़ते देखा

Published: Tue, 22 Apr 2025 05:03 PM (IST)Updated: Wed, 23 Apr 2025 08:21 AM (IST)

प्रयागराज की शक्ति दुबे ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में पूरे देश में पहला ...और पढ़ें

शक्ति दुबे के घर आज जश्न का माहौल है और बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
शक्ति दुबे के घर आज जश्न का माहौल है और बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

HighLights

  1. बेटी की सफलता पर माता-पिता हुए गदगद
  2. शक्ति दुबे के घर जश्न का माहौल, बधाइयों का तांता

एएनआई, प्रयागराज। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 के परिणाम जारी होते ही हर जगह एक ही नाम चर्चा में आ गया। ये नाम प्रयागराज की शक्ति दुबे का है, उन्होंने इस परीक्षा में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा क्रैक करने वाली शक्ति दुबे के घर आज जश्न का माहौल है और बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

इस बीच उनके माता-पिता ने बेटी की सफलता पर खुशी का इजहार किया। एएनआई से बात करते हुए शक्ति दुबे की माता प्रेमा देवी ने हमको बहुत खुशी है कि बेटी ने यह उपलब्धि हासिल की है।

प्रेमा देवी ने बताया कि उनकी बेटी (शक्ति) ने काफी मेहनत की है। वह दिन-रात पढ़ाई करती थी। वह घर के भी काम करती थी, लेकिन उसका अधिकतर समय पढ़ाई में जाता था। उन्होंने बताया कि शक्ति बुधवार को घर वापस आएंगी।

वहीं, पिता देवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि बेटी ने मेहनत किया है, उसको हम आशीर्वाद देते रहे हैं, लेकिन बड़ा आशीर्वाद भगवान का है। उन्होंने कहा कि बेटी की पढ़ाई के लिए हमसे जो कुछ भी बन सका, उसकी हमने व्यवस्था की। 

प्रयागराज की शक्ति दुबे ने हासिल की प्रथम रैंक

गौरतलब है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से घोषित किए गए सिविल सेवा परीक्षा 2024 परिणाम में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने प्रथम रैंक प्राप्त किया है। उन्हें यह सफलता तीसरे प्रयास में मिली है। 

शक्ति दुबे पढ़ाई में बचपन से होनहार रही हैं। एसएमसी घूरपुर में 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी किया। उसमें गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। फिर 2018 में बीएचयू से बायोकेमिस्ट्री में एमएससी किया। इसमें भी गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। 

एमसएसी के बाद प्रयागराज आकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लगीं। तैयारी के लिए बीच-बीच में दिल्ली भी जा रही थीं। 2020 में कोरोना काल में प्रयागराज आ गईं। इसके बाद भी तैयारी जारी रखी। 

2023 की परीक्षा में दो नंबर कम होने पर उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया। इससे थोड़ी हताशा हुई, लेकिन हौसला नहीं खोया और तैयारी जारी रखी। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इतिहास रच दिया। 

बलिया में है पैतृक घर 

शक्ति के पिता देवेंद्र द्विवेदी डीपीएस व एडीसीपी ट्रैफिक के पेशकर के पद पर प्रयागराज में तैनात हैं। बेटी की सफलता से अत्यंत प्रसन्न हैं। मूलरूप से बलिया जिला के बैरिया तहसील, थाना दोकटी के रामपुर गांव के निवासी हैं। 

शक्ति की जुड़वा बहन प्रगति भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, जबकि छोटा भाई आशुतोष एमसीए कर रहा है। मां प्रेमा दुबे गृहणी हैं। सभी शक्ति की सफलता से प्रसन्न हैं। देवेंद्र बताते हैं कि पिछले वर्ष दो नंबर से सफलता न मिलने के बाद शक्ति थोड़ा परेशान थीं, लेकिन हार नहीं मानीं, तैयारी में लगी रहीं और सफलता प्राप्त किया।