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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाकुंभ में हर्षा र‍िछार‍िया को लेकर दो धड़ों में बंटे संत, अब निरंजनी अखाड़ा कराएगा अमृत स्नान; कही ये बड़ी बात

Published: Tue, 21 Jan 2025 08:10 AM (IST)

निरंजनी अखाड़ा हर्षा र‍िछार‍िया के साथ खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व श्री निरंजनी अखाड़ा के ...और पढ़ें

महाकुंभ में फेमस हुईं हर्षा र‍िछार‍िया।- सोशल मीड‍िया
महाकुंभ में फेमस हुईं हर्षा र‍िछार‍िया।- सोशल मीड‍िया

जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। Mahakumbh 2025:  विरोध के बाद भी मॉडल हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya) के महाकुंभ में अभी तक होने और अमृत स्नान की उनकी तैयारी पर कुछ संतों ने प्रश्नचिह्न उठाया तो नई चर्चा छिड़ गई। इन सबके बीच अब निरंजनी अखाड़ा हर्षा र‍िछार‍िया के साथ खड़ा हो गया है।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व श्री निरंजनी अखाड़ा (Niranjani Akhara) के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि हर्षा का सनातन धर्म के प्रति समर्पण और लगाव है। वह सीधी-सादी लड़की है, नारी सशक्तीकरण की प्रतीक है। उन्हें अनायास निशाना बनाया जा रहा है। विरोध करने वालों को जवाब देने के लिए हर्षा को मौनी अमावस्या का अमृत स्नान रथ पर बिठाकर कराया जाएगा। वह संतों के साथ अमृत स्नान करेंगी। इसके माध्यम से समाज में एक बड़ा संदेश जाएगा कि धर्म और आध्यात्म में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

वहीं, हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya Video) ने वीडियो संदेश में कहा कि वह धर्म को जानने, इससे जुड़ने और समाज में जागरूकता फैलाने आई हैं। मेरा उद्देश्य युवाओं को धर्म की राह पर लाना है। महाराज जी (रवींद्र पुरी) का साथ मिलने से उनका उत्साह बढ़ गया है। हर्षा रिछारिया को लेकर विवाद तब सामने आया था जब मकर संक्रांति के अमृत स्नान पर वह श्री निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि के रथ पर आसीन होकर भगवा वस्त्र पहनकर संगम स्नान करने गई थीं। इस पर कई संतों ने आपत्ति व्यक्त की थी।

'मौनी के अमृत स्नान को अखाड़े समय का करें पालन'

महाकुंभ (Mahakumbh) के मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर अखाड़ों को त्रिवेणी में डुबकी लगाने के निर्धारित समय का पालन करने का आह्वान किया गया है। मौनी अमावस्या (mauni amavasya 2025) पर 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद लगाई गई है। इसके मद्देनजर ही सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। मौनी अमावस्या पर महाकुंभ के दूसरे 'अमृत स्नान' में भाग लेने वाले 13 अखाड़ों को अपने निर्धारित समय पर ही डुबकी लगाने को कहा गया है। इस बार मौनी अमावस्या अनुष्ठान पर पुण्य काल के विशेष योग बन रहे हैं।

अमृत स्नान में वैष्णव, शैव तथा उदासीन परंपरा के 13 अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर समेत लाखों साधु-संत और उनके भक्त त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सभी अखाड़ों से समय का पालन करने का आह्वान किया है। सभी अखाड़ों को मकर संक्रांति की ही तरह मौनी अमावस्या स्नान के लिए भी समय निर्धारित किया गया है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट हरिद्वार के श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने प्रत्येक अखाड़े से अनुरोध किया है कि वे अपने निर्धारित समय से पांच मिनट पहले स्नान घाट खाली करने का प्रयास करें। यह अपील महत्वपूर्ण है क्योंकि 14 जनवरी को पहले अमृत स्नान के दौरान समय सीमा का पालन नहीं हो सका था। यह एक आंतरिक मामला था। कहा कि मौनी अमावस्या पर अत्यधिक भीड़ होने का अनुमान है, ऐसे में अखाड़ों को समय का पालन करना चाहिए।

कहा कि वैसे परिषद ने इस महायोजन के लिए बड़ी योजना बनाई है। यह भी समन्वय कर रहे हैं कि सभी अखाड़े सुचारू आयोजन के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन करें। उन्होंने कहा कि लगभग 12 किमी में 44 स्नान घाट बनाए गए हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों से इन घाटों पर स्नान का आह्वान किया जा रहा है।

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