अब 18 नहीं 20 साल की उम्र में अभ्यर्थी बन सकेंगे स्टेशन मास्टर, रेलवे बोर्ड का अहम फैसला
रेलवे बोर्ड ने स्टेशन मास्टर की सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दी है। इस निर्णय का पुरानी भर्तियों पर असर नहीं होगा।

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से बढ़ाकर की गई 20 वर्ष
नियमावली में किया गया संशोधन, जारी भर्तियों पर प्रभाव नहीं
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अब स्टेशन मास्टर बनने के लिए न्यूनतम आयु 18 नहीं, बल्कि कम से कम 20 वर्ष होनी आवश्यक है। रेलवे बोर्ड ने सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु सीमा दो वर्ष बढ़ा दी है। साथ ही नियम तत्काल प्रभाव से देश भर में लागू कर दिया है।
आयु सीमा में छूट पहले की तरह ही लागू रहेगी
पहले स्टेशन मास्टर पद के लिए आयु सीमा सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित थी, अब इसे संशोधित कर 20 से 30 वर्ष कर दिया गया है। नियमानुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में मिलने वाली छूट पहले की तरह ही लागू रहेगी।
स्टेशन मास्टर के लिए स्नातक आवश्यक
रेलवे बोर्ड ने सात अक्टूबर को नियमों की समीक्षा की। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि स्टेशन मास्टर पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य है। सामान्यत: बच्चे 20 से 21 वर्ष की उम्र में ही पूरी कर पाते हैं, न्यूनतम आयु 18 वर्ष दर्ज होना एक व्यावहारिक विसंगति है।
अभ्यर्थियों का मानसिक परिपक्वता से दक्ष होना अनिवार्य
स्टेशन मास्टर पद सुरक्षित परिचालन, सिग्नलिंग, पैनल कंट्रोल, आपात निर्णय से जुड़ा संवेदनशील तकनीकी पद है। ऐसे में अभ्यर्थियों के संरक्षा और मानसिक परिपक्वता से दक्ष हो जाना अनिवार्य है। साथ ही स्नातक स्तर के अन्य पदों और भर्ती नियमावली में एकरूपता लाने के लिए यह सुधार हुआ है।
सभी जोनल रेलवे को भेजा गया आदेश
रेलवे बोर्ड के निदेशक स्थापना (अराजपत्रित) यूके तिवारी के अनुसार सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और रेलवे भर्ती बोर्ड को आदेश भेज दिया गया हैं। जिन भर्तियों की केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है और चयन प्रक्रिया चल रही है, उन पर इस बदलाव का असर नहीं पड़ेगा। वे नियुक्तियां पुराने नियमों के तहत ही संपन्न कराई जाएंगी।
